मैं अब जीना नहीं चाहती। पापा मुझे माफ कर दीजिएगा। मेरे परिवार ने मुझे हर खुशी दी। जो मांगा सब कुछ मिला फिर भी मेरी गलती माफी के लायक नहीं। मैं अपनी इच्छा से जीवन त्याग रही हूं। ये बातें एक लड़की ने अपने सुसाइड नोट में लिखी। फिर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
मामला नालंदा का है। जहां गुरुवार की रात किशोरी (15) का शव दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका मिला। इसके साथ ही घर में उसकी डायरी से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
बताया जाता है कि बीते साल लड़की मानव तस्करी का शिकार हुई थी। जिसके बाद से ही वह मानसिक तनाव में थी। वहीं सुसाइड नोट में भी उसने किसी गलती का जिक्र किया है। साथ ही परिवार के साथ धोखा और खिलवाड़ करने जैसी बातें लिखीं हैं। घटना सिलाव थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में की है।
क्या लिखा सुसाइड नोट में
पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। उसमें लड़की ने लिखा है –
पूज्य पिताजी, सादर प्रणाम। मैं अपना जीवन जीना नहीं चाहती हूं। सविनय निवेदन यह है कि गलती मैं की हूं। वह माफी देने लायक नहीं है। फिर भी हमें सभी परिवार माफ कर दिए हैं। हम परिवार के साथ खिलवाड़ किए हैं। वो हमें जीने लायक नहीं है। मेरा परिवार हर खुशी देते हैं। जो हमें जीने लायक नहीं हैं। जो मांगा सब कुछ मिला फिर भी मेरे मम्मी-पापा, चाचा-चाची और सभी परिवार को अपनी किए गलती की वजह से कहीं सर उठा कर जीने लायक नहीं छोड़ा। फिर भी परिवार हमें फूल की तरह मानते हैं। मैं अपने किए गलती के कारण सभी परिवार को उदास देख कर जीना नहीं पसंद करती हूँ। परिवार हमें खुशी देते रहे फिर भी हम उनके साथ हमेशा धोखा देते रहें हम जो गलती किए हैं। उसके माफी मांगने लायक नहीं है।
अतः इसलिए मैं अपनी इच्छा पूर्वक अपना जीवन त्याग रही हूं। इसलिए मेरा कोई परिवार दोषी नहीं है। मैं अपनी मर्जी से अपनी जीवन लीला समाप्त करती हूं हो सके तो पापा हमें माफ कर दीजिएगा। आपकी प्यारी पुत्री।
पुलिस को लड़की की डायरी से सुसाइड नोट मिला है।
बीते साल लापता हुई थी लड़की
बताया जाता है कि लहेरी थाना में किशोरी की मां ने पिछले साल अक्टूबर महीने में 14 साल की बेटी के गायब होने की एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे पूर्णिया से बरामद किया था।
किशोरी ने कोर्ट में बयान दिया था कि दो लोग उसे अगवा कर ले गए थे और बेच दिया था। इस मामले में दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। न्यायालय के आदेश पर लहेरी थाना क्षेत्र के मंगला स्थान निवासी निशांत कुमार के घर में कुर्की की कार्रवाई की गई थी। वहीं इस मोहल्ले का एक अन्य आरोपी राजू उर्फ श्रवण यादव ने कुर्की के पहले सरेंडर कर दिया था।
घटना के बाद से किशोरी मानसिक तनाव में थी
किशोरी के बरामद होने के बाद परिवार गांव में रहने चला गया। तब से किशोरी मानसिक रूप से परेशान रह रही थी। गुरुवार की शाम घर के सदस्य बाहर बैठे थे। इसी दौरान उसने खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया और दुपट्टे के सहारे फांसी का फंदा बनाकर जान दे दी। जब दरवाजा तोड़ा गया तो वह बांस के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। इसके बाद आस-पड़ोस और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए देर रात सदर अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही की वजह से घंटों शव मॉर्चरी में पड़ा रहा। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद 8 घंटे बाद शव का पोस्टमॉर्टम हो सका।

घटना के बाद आसपास जुटी भीड़।
अपने साथ हुए हादसे को नहीं भूल पाई- पिता
किशोरी के पिता वर्तमान में मुंगेर में बीएमपी के पद पर तैनात हैं। बेटी की खुदकुशी की सूचना पर वे गांव पहुंचे और शव को लेकर सदर अस्पताल आए। उन्होंने कहा कि जब से उनकी बेटी के साथ घटना हुई थी तब से वह परेशान रह रही थी। यही कारण है कि हम लोग गांव चले गए ताकि वह घर परिवार के बीच रहकर अपने साथ हुए हादसे को भुला सके। शायद वह उन बातों को नहीं भुला पाई और जान दे दी।
वहीं सिलाव थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि यूडी केस दर्ज कर पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इसी तरह की दूसरी खबर पढ़िए…
I am Failed… लिखकर कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड किया:लिखा- सॉरी मम्मी-पापा; पढ़ना चाहता हूं, लेकिन मेरा दिमाग पता नहीं कैसा हो गया

नीट की तैयारी कर रहे कोचिंग स्टूडेंट ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसके पास से पुलिस को सुसाइड नोट मिला। लिखा- I am Failed…आई एम सॉरी मम्मी-पापा। मैं पढ़ना चाहता था, लेकिन दिमाग पता नहीं कैसा हो गया। इधर-उधर की चीजें सोचता रहता हूं। मामला कोटा के बोरखड़ा में नया नाेहरा इलाके का है। पुलिस ने बताया कि गया (बिहार) के रहने वाले 16 साल के अभिषेक ने रविवार को फंदा लगाकर सुसाइड किया है।



Leave a Reply