BankBreaking News

SBI YONO Merchant App: स्‍टेट बैंक ने लांच किया नया योनो एप, अब स्‍मार्टफोन ही बनेगा पीओएस डिवाइस

बिहार सहित देशभर के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एसबीआई ने एक बड़ी पहल की है। भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) की सब्सिडियरी एसबीआइ पेमेंट्स (SBI payments) ने व्यापारिक भुगतान के लिए एसबीआइ योनो मर्चेंट (SBI YONO merchant) एप पेश किया है। इस पेशकश से मोबाइल के माध्यम से डिजिटल भुगतान (Digital Transaction) करने में व्यापारी सक्षम होंगे। एसबीआइ ने अगले दो वर्षों में रिटेल और एंटरप्राइजेज सेगमेंट (Retail and Enterprises segment) में दो करोड़ संभावित व्यापारियों को लक्ष्य कर कम लागत वाले इसे पेश किया है।

मोबाइल फोन ही अब होगा पीओएस डिवाइस

बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) ने हाल ही में कम पहुंच वाले क्षेत्रों में प्वाइंट ऑफ सेल (point of sale, POS) को प्रोत्साहित करने वाले पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (payment infrastructure development fund) बनाने की घोषणा की थी। एसबीआइ की पेशकश इसके अनुरूप है। व्यापारी अब एनएफसी युक्त एंड्रॉयड स्मार्टफोन के जरिए एप के माध्यम से भुगतान कर पाएंगे। सीधे कहें तो इस पेशकश से मोबाइल फोन पीओएस डिवाइस में अपग्रेड हो सकेगा।

वीजा पेमेंट्स के साथ एसबीआई ने किया करार

एसबीआइ पेमेंट्स के एमडी और सीईओ गिरी कुमार नायर ने कहा है कि उम्मीद है कि इस इनोवेशन से दो से तीन साल में पांच से दस मिलियन तक मर्चेंट टच प्वाइंट हो सकेंगे। योनो एसबीआइ मर्चेंट रिटेल के साथ ही एंटरप्राइजेज मर्चेंट के लिए ऐसी पेशकश है जो व्यापारिक जुड़ाव का दायरा बढ़ेगा। एसबीआइ ने भुगतान स्वीकृति प्रणाली को मजबूत करने के लिए वीजा के साथ करार भी किया है।

ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लेनदेन को मिलेगा बढ़ावा

दरअसल कोरोना काल के बाद डिजिटल का दायरा तेजी से बढ़ा है। इसी के अनुरूप नये प्रयोग भी हो रहे हैं। मकसद यह कि इससे शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी आसानी से बैंकिंग सुविधाएं घर बैठे मिल सके। साथ ही सेवा सुरक्षित और सहज भी हो। एसबीआइ का मर्चेंट एप इन सभी पैमाने पर खरा उतरता है। उम्मीद है कि इससे कारोबार की राह और आसान होगी और भुगतान की प्रक्रिया लोकप्रिय हो सकेगी। डिजिटल सेवा का उपयोग करने वाले व्यापारियों और ग्राहकों के लिए इससे जोडऩे के लिए पहल की जा रही है जिससे वे इसका लाभ ले सकें।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.