बिहार की नई महागठबंधन सरकार के 23 मंत्रियों (72 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें से 17 पर गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। 16 अगस्त को सरकार के पुनर्गठन के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने बिहार विधानसभा 2020 से मुख्यमंत्री सहित सभी 33 में से 32 मंत्रियों के शपथ पत्रों के विश्लेषण के बाद यह रिपोर्ट जारी की है।
जदयू ने मनोनीत एमएलसी अशोक चौधरी को भी मंत्री बनाया है, इसे में उन्हें शपथ पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं है, लिहाजा वित्तीय, आपराधिक एवं अन्य विवरणों को लेकर उनकी जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है।
ADR के अनुसार यह विश्लेषण 2020 के विधानसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव और उसके बाद हुए उप चुनाव में उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार 23 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं 17 ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए हैं।



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