औषधीय गुणों से भरपूर किशनगंज में उत्पादित तेजपत्ता विदेशों में भी अपनी महक बिखेरने लगा है। तेजपत्ता उत्पादन में किशनगंज अब देशभर में अग्रणी जिला बनने की ओर अग्रसर है। नेपाल व पश्चिम बंगाल से सटे किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में इसकी खेती में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। चाय बागान किनारे 15 साल पहले जहां पांच-दस वृक्ष लगाकर किसानों ने इसकी शुरुआत की थी। अब वहां 12 हजार से अधिक वृक्ष हैं। तेजपत्ता के वृक्ष लगाकर किसानों में मुनाफा कमाने के प्रति तेजी से रुझान बढ़ा है। जिले में इस समय 25 हजार हेक्टेयर में चाय बागान है।
साल में एक बार तोड़ा जाता है तेजपत्ता का पत्ता
जिले में सबसे अधिक तेजपत्ता उत्पादन करने वाले किसान सेवानिवृत कृषि पदाधिकारी भगवत प्रसाद सिंह बताते हैं कि तेजपत्ता की खेती के लिए ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र का मौसम- तापमान और भौगोलिक स्थिति अनुकूल है। चाय बागान के बीच चालीस फीट की दूरी पर तेजपत्ता का वृक्ष लगाया जाता है। चाय को छायादार वृक्ष की आवश्यकता होती है, इसलिए तेजपत्ता के वृक्ष को प्रयोग के तौर पर लगाया गया था, जो अब साल दर साल बढ़ता जा रहा है। साल में एक बार तेजपत्ता का पत्ता तोड़ा जाता है। तेजपत्ता का वृक्ष लगाकर किसान बिना खाद-पानी के साल में एक वृक्ष से 15 सौ से दो हजार की कमाई कर लेते हैं। यही वजह है कि इसकी खेती के प्रति किसानों में रुझान बढ़ा है। तेजपत्ता का उत्पादन मुख्य रुप से मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड के अलावा फ्रांस, बेल्जियम, इटली, रूस, मध्य व उत्तरी अमेरिका में किया जाता है। हिमालय का तराई क्षेत्र इसकी खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है।
कई रोगों के इलाज में होता है तेजपत्ता का उपयोग
तेजपत्ता का उपयोग खान-पान के साथ कई रोगों के इलाज में भी होता है। विशेषज्ञ ने बताया कि तेजपत्ता पाचन शक्ति को दुरुस्त करने के साथ जोड़ों के दर्द को दूर करने के अलावा गैस, मधुमेह, रक्तचाप को कंट्रोल रखने, माइग्रेन, अल्सर सहित कई असाध्य रोग के इलाज में कारगर साबित होता है। तेजपत्ता में विटामिन सी, एंटीबैक्टेरियल डाइजेस्टिव कोपर, पोटाशियम, कैल्शियम, मैगनीज, आयरन, जिंक आदि खनिज पाए जाते है।
जिले में चाय बागान के किनारे तेजपत्ता के वृक्ष लगाने की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सर्वे कराकर किसानों की रुचि को अधिक बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से सहयोग किया जाएगा। – रजनी कुमारी, जिला उद्यान निदेशक




Leave a Reply