पटना में शुक्रवार से रुक- रुक शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। इसकी वजह से कई इलाकों में जल जमाव के हालात बन गए हैं। स्कूल परिसर में भी बारिश का पानी जम गया है, लेकिन ऐसी स्थिति में भी बच्चों की उपस्थिति स्कूलों में 90% से ज्यादा देखी गई। दरअसल, इसके पीछे की वजह बच्चे बताते हैं कि उन्हें डर है कि अगर वो स्कूल नहीं आएंगे तो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देशानुसार उनके नाम काट दिए जाएंगे।

बारिश में भी बच्चों की उपस्थिति 90% से ज्यादा
कंकड़बाग स्थित भारती मध्य विद्यालय के परिसर में बारिश का पानी जमा हो गया है। इस विद्यालय के सामाजिक विज्ञान के शिक्षक सुनील कुमार ने कहा कि उनके विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 90% से ऊपर ही है। अभी विद्यालय में परीक्षा भी चल रही है। बच्चों को पता है कि अगर वो परीक्षा देने नहीं आएंगे तो सरकार की तरफ से कड़ाई होगी और उनके नाम काट दिए जाएंगे। इस कारण छात्र रोज परीक्षा देने आते हैं और आज बारिश के मौसम में भी बच्चों की मौजूदगी देखी जा सकती है।

तेजी से बदल रहे हैं स्कूलों के हालत
सुनील कुमार ने कहा कि बारिश के कारण बच्चों का आना-जाना दुर्भर हो जाता है। इस विद्यालय परिसर में पांच स्कूल शिफ्ट-वाइज चलते हैं। कमरों की संख्या कम होने के कारण परीक्षा लेने में भी काफी दिक्कत होती है। इसलिए वो सरकार से इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर थोड़ा देने की आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले और अब की स्थिति में काफी फर्क आ गया है। पहले बच्चे ड्राप-आउट हो रहे थे, लेकिन अब ये नहीं हो रहे है। बारिश के कारण जो बच्चे बीमार हो जाते हैं और नहीं आ पाते हैं, वो फिर एप्लीकेशन लेकर आते हैं। साथ ही वो मेडिकल सर्टिफिकेट भी दिखाते हैं।
बच्चों के साथ-साथ अभिवावकों को भी हो रही परेशानी
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि वह आज बारिश में भी स्कूल आए हैं, ऐसे में बीमार भी हो सकते हैं, बुखार भी लग सकता है, लेकिन नहीं आने पर उनका नाम काट दिया जाएगा। इस डर आज वो परीक्षा देने आए हैं। बच्चों के साथ-साथ अभिवावकों को भी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिवावक पुतुल रजक ने कहा कि स्कूल में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। ये परेशानी सब के लिए है। बच्चों को इसी बारिश में स्कूल लेकर आए हैं। इसमें सरकार सुधार करेगा तो ठीक रहेगा।





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