278 कराेड़ की लागत से शहर में बिछाई जा रही सीवरेज पाइपलाइन के मैनहोल में मरीन ड्राइव राेड स्थित पूर्व मेयर सुरेश कुमार के आवास के निकट बड़ा सुराख बन गया है। निर्माण के साथ ही मैनहोल क्षतिग्रस्त हाेने व कई अन्य लापरवाही काे लेकर पूर्व मेयर ने स्मार्ट सिटी के सीवरेज प्राेजेक्ट के खिलाफ विजिलेंस में मुकदमा दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व मेयर सुरेश कुमार का कहना है कि अभी ताे सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का काम ही चल रहा है। इतनी जल्दी मैनहोल क्षतिग्रस्त हाेना सीधे ताैर पर भ्रष्टाचार है।
मैनहोल के ढक्कन की क्वालिटी अगर घटिया है नहीं ताे क्षतिग्रस्त क्याें हुई। विजिलेंस जांच के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं। सरकारी राशि का यह दुरुपयाेग है। काम में कई तरह की अनियमितताएं बरती जा रही है। यही नहीं, शहर में जिस जगह भी सीवरेज पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां बारिश के बाद सड़क धंसने लगी है।
ब्रह्मपुरा, मरीन ड्राइव राेड, लक्ष्मी चाैक इलाका, सूतापट्टी, बैंक राेड, सिकंदरपुर समेत कई अन्य स्थानाें पर बारिश के बाद सड़क धंस गई है। जूरन छपरा राेड नंबर-1 की स्थिति बेहद खतरनाक हाे गई है। राेड नंबर-1 में रिक्शा, ऑटाे व बाइक चलाना मुश्किल हाे गया है। इस राेड में अक्सर काेई न काेई हादसे का शिकार हाे रहा है।

हादसे की आशंका बढ़ी : काम खत्म होने से पूर्व ही मरीन ड्राइव रोड में मैनहोल क्षतिग्रस्त
शहर के छाता चाैक के निकट बुडकाे की ओर से हाल में बनाया गया कल्वर्ट धंसने व क्षतिग्रस्त होने लगा है। नगर आयुक्त ने बुडकाे काे इसकी जांच का आदेश दिया है। डिप्टी मेयर डाॅ. माेनालिसा ने कहा है कि इसकी क्वालिटी पर शुरू से ही सवाल उठता रहा है। कुछ ही महीने में कल्वर्ट टूटने लगा है। एजेंसी ने इसकी क्वालिटी काे नजरअंदाज किया। डिप्टी मेयर ने नगर आयुक्त से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड-27 के पार्षद अजय ओझा ने भी निर्माण के दौरान ही इसकी क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए नगर आयुक्त काे पत्र लिखा था। इस मामले में नगर आयुक्त ने बुडकाे काे जांच का आदेश दिया है। बता दें कि पिछली बारिश में कलेक्ट्रेट के सामने नगर निगम की सुपर सकर मशीन सड़क में धंस गई थी। अब शहर के बाकी स्थानाें पर भी लगातार बारिश की वजह से स्थिति खतरनाक हाे गई है।
निर्माण एजेंसी बोली- जांच कराएंगे
निर्माण एजेंसी का कहना है कि सीवरेज के मैनहोल को किसी ने ताेड़ दिया हाेगा। ढक्कन की माेटाई चार इंच है। टेस्टिंग किया रहता है। ऐसी स्थिति में भारी वाहन के चलने से यह नहीं टूट सकता। वैसे इसकी जांच कराएंगे।





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