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एमडीए कार्यक्रम की दैनिक कवरेज की रिपोर्टिंग होगी एप्प से

पटना: राज्य में 20 सितंबर से एमडीए यानी सर्व जन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा. एमडीए की सफलता के लिए कार्यक्रम की सघन निगरानी जरुरी है. इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है. अब एमडीए कार्यक्रम की दैनिक कवरेज की रिपोर्टिंग के लिए एक ( SuKRatya ) एप्प विकसित किया गया. प्रखंड समुदाय उत्प्रेरक यानी बीसीएम एमडीए कार्यक्रम की दैनिक कवरेज की रिपोर्टिंग एप्प के माध्यम से करेंगे.

ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग पर जोर:

फाइलेरिया के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. परमेश्वर प्रसाद ने कहा कि 20 सितंबर से राज्य के 11 जिलों में एमडीए कार्यक्रम चलाया जाएगा. जिसमें पटना सहित नवादा, समस्तीपुर, पूर्णिया, भोजपुर, दरभंगा, बक्सर, लखीसराय, मधुबनी,नालंदा एवं रोहतास जिले शामिल हैं. एमडीए कार्यक्रम को सफ़ल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर तैयारी की गयी है. अभियान की कुशल निगरानी के लिए दैनिक कवरेज की ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग जरुरी है. इसके लिए एप्प को विकसित किया गया है. बीसीएम के द्वरा एप्प से की जा रही दैनिक रिपोर्टिंग की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाएगी. इसके लिए जिला समुदाय उत्प्रेरक( डीसीएम) एवं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी( भीबीडीसीओ) दैनिक रिपोर्टिंग पर नजर रखेंगे.

जिला स्तर पर बीसीएम को दिया जा रहा प्रशिक्षण:

राज्य स्तर पर डीसीएम एवं भीबीडीसीओ को 10 अगस्त को ही एप्प संचालन पर प्रशिक्षण दिया गया है. वहीं, 11 सितंबर से जिला स्तर पर बीसीएम को एप्प संचालन पर पिरामल स्वास्थ्य के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
पहली बार 17 दिनों तक खिलाई जाएगी दवा:
इस बार के एमडीए में पहली बार बूथ निर्माण कर लोगों को दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाना है. बूथ का निर्माण आँगनबाड़ी, स्कूल, पंचायत, पीएचसी, सीएचसी सहित मेडिकल कॉलेज पर आयोजित होगा. बूथ रणनीति के तहत पहले 3 दिन तक बूथ लगाकर एवं इसके बाद 14 दिनों तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी. इस तरह अब 14 दिनों की जगह 17 दिनों तक सभी लोगों को दवा खिलाई जाएगी. इस बार के एमडीए राउंड में मार्कर पेन का इस्तेमाल किया जाएगा. जिसमें सभी दवा खाने वाले लोगों की ऊँगली पर निशान लगाया जाएगा. इसके लिए सभी ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कराने वाली टीम को मार्कर पेन भी उपलब्ध कराया गया है.

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