पिछले साल मई महीने में बिहार के सबसे बड़े ISKCON मंदिर का उद्घाटन किया गया था। 100 करोड़ की लागत से तैयार इस मंदिर में भक्तों के लिए काफी कुछ किया जा रहा है। ISKCON मंदिर में गोविंदा रेस्टोरेंट का निर्माण कार्य चल रहा था जो अब आखिरी चरण में है। यहां भक्तों को सात्विक भोजन मिलेगा।


निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चर्म पर
11 सालों में 100 करोड़ की लागत से इस मंदिर का निर्माण हुआ है। यह मंदिर 2 एकड़ में बना है। भक्तों के लिए गोविंदा रेस्टोरेंट का निर्माण किया जा रहा है। इसका काम अपने अंतिम पड़ाव पर है। इस रेस्टोरेंट में भक्तों को शुद्ध खाना मिलेगा। यहां मिलने वाले भोजन में लहसुन-प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
इसमें भक्त सात्विक ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में कुछ भी ले सकते हैं। रेस्टोरेंट की खासियत की बात करें तो इसमें भगवान कृष्ण के बाल रूप को तस्वीरों के द्वारा दिखाया गया है। वहीं रेस्टोरेंट के अंदर पेड़ों का स्ट्रक्चर बनाया गया है। जो रेस्टोरेंट को और खूबसूरत बना रहा है। किचन को मजदूरों द्वारा आखरी रूप दिया जा रहा है। रेस्टोरेंट के मेनू में नॉर्थ इंडियन, साउथ इंडियन, इटालियन, कॉन्टिनेंटल सहित सभी तरह के बिना लहसुन प्याज का खाना सर्व किया जायेगा।

गोविंदा रेस्टोरेंट का निर्माण अंतिम पड़ाव में है।
गोल्डन थीम पर बन रहा ISKCON मंदिर का गेस्ट हाउस
इसके साथ ही 6 मंजिला गेस्ट हाऊस का भी निर्माण अब लास्ट स्टेज में पहुंच चुका है। लेकिन इसे पूरी तरह शुरू होने पर वक्त लगेगा। भक्तों के लिए बने इस गेस्ट हाउस में उनकी सुविधा के लिए 70 कमरे बनाये जा रहे हैं। जिसमें डबल बेड के साथ अटैच बाथरूम की सुविधा दी जाएगी। कमरे को खूबसूरत बनाने के लिए खिड़की के पर्दों पर मोर के पंख बने हुए हैं। कमरे का थीम गोल्डन रखा गया है। इसमें दोनों बेड सुनहरे हैं। कमरे में बैठने के लिए जो बैठक दिए गए हैं वह भी सुनहरा है।




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