पटना: बिहार में आज से मैट्रिक (10वीं) की वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत हो रही है. मैट्रिक परीक्षा 2026 में राज्य के लगभग 15.12 लाख परीक्षार्थी दो पालियों में 1699 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे. कुल 1512687 परीक्षार्थियों में 785722 छात्राएं और 726961 छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे.

परीक्षार्थियों में छात्राओं की संख्या ज्यादा
मैट्रिक परीक्षा में इस बार छात्रों से अधिक छात्राओं की संख्या है. बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि राज्य सरकार जिस प्रकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, उसी का परिणाम है कि शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ी है.

पहले दिन भाषा विषय की परीक्षा
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी. पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा विषय की परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें हिंदी, उर्दू, बांग्ला और मैथिली विषय शामिल हैं.
पहली पाली में इतने परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
पहली पाली में 758633 परीक्षार्थी और दूसरी पाली में 754054 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. बोर्ड ने परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.

30 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य
बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि परीक्षा प्रारंभ होने के आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार को बंद कर दिया जाएगा और किसी भी परीक्षार्थी को देरी से प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा भवन में प्रवेश करना अनिवार्य होगा.
परीक्षार्थियों से खास अपील
आनंद किशोर ने परीक्षार्थियों से अपील किया है की परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले अवश्य पहुंच जाएं. सभी छात्रों को अपने साथ एडमिट कार्ड और आवश्यक पहचान पत्र लाना अनिवार्य है. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षार्थियों के नाम, विवरण और फोटो के साथ उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे.

परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है. परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी. किसी भी परीक्षार्थी, वीक्षक या कर्मी को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी.
जूता मोजा और स्कार्फ पहने वाले सावधन
फ्रिस्किंग की व्यवस्था प्रवेश द्वार पर सुनिश्चित की गई है, ताकि नकल या कदाचार से जुड़े किसी भी उपकरण को अंदर ले जाने से रोका जा सके. इसके अलावा जूता मोजा और स्कार्फ पहनकर परीक्षा हॉल में प्रवेश वर्जित है. बोर्ड ने सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा संचालन से संबंधित निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है.
परीक्षा में जीरो टॉलरेंस की नीति
परीक्षा के दौरान सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू रहेगी. कदाचार या परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा संचालन में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के तहत कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जिला स्तर पर परीक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. सभी केंद्राधीक्षकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रश्नपत्र समय पर खोले जाएं, उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण निर्धारित समय पर हो और परीक्षार्थियों को शांत वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी और अन्य निगरानी उपायों से भी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है.
ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव के लिए अलग उत्तरपुस्तिका
बोर्ड ने अभिभावकों और परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें, परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनुशासन बनाए रखें. पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से 12:45 बजे तक आयोजित की जाएगी. वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी. ऑब्जेक्टिव सवालों को हल करने के लिए छात्रों को ओएमआर शीट और सब्जेक्टिव सवालों को हल करने के लिए उत्तर पुस्तिका दिया जाएगा जिस पर छात्रों के विवरण पूर्व से मौजूद रहेंगे.



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