मुजफ्फरपुर : बिहार में भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होने वाला है। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि आए दिन घूसखोरी का जो मामला सामने आ रहा है, उसे देखकर तो यही लगता है। निगरानी की टीम आए दिन ऐसे घूसखोरों को पकड़ भी रही है, इसके बावजूद कुछ लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की सख्ती के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बिना पैसे लिए ये लोग कोई काम करना नहीं चाहते। ताजा मामला राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का है, जहां पश्चिमी मुजफ्फरपुर उप समाहर्ता (DCLR) के ऑफिस क्लर्क राकेश कुमार ने बिना पैसा नोटिस बनाने से इनकार कर दिया।


इसी लेनदेन के दौरान किसी व्यक्ति ने चोरी-छिपे इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। मंगलवार को वायरल हुए इस वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कर्मचारी राकेश कुमार वकील से मोलभाव कर रहा है और फिर रुपये स्वीकार कर रहा है। हालांकि, प्रशासन ने इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिर भी, प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने और स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बाद SDM पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत डीसीएलआर पश्चिमी को पूरे प्रकरण की गहन जांच करने का निर्देश दिया है।

SDM आकांक्षा आनंद ने बताया, “हमारे संज्ञान में एक वीडियो आया है, जिसमें भूमि सुधार उप समाहर्ता पश्चिमी के कार्यालय का एक कर्मी कथित तौर पर तारीख (डेट) देने और अन्य कार्यों के बदले पैसे लेते दिख रहा है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियां विभाग की काम संस्कृति और गरिमा के बिल्कुल विपरीत हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी कर्मी के खिलाफ सेवा नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। SDM ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।




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