बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के बीच महागठबंधन के बीच मचभेद देखने को मिल रहा है। महागठबंधन में बिना सीट बंटवारे के ही प्रत्याशियों का ऐलान हो गया। सभी पार्टियों ने अपने अपने दलों के उम्मीदवारों को टिकट बांट दिया। आलम यह हो गया कि महागठबंधन के 243 सीटों पर 255 उम्मीदवार मैदान में हैं। राजद-कांग्रेस और अन्य दलों में खींचातानी सर्वजनिक रुप से देखा जा रहा है।

विधानसभा सीट 243, मैदान में महागठबंधन के 255 प्रत्याशी
राजद ने 143 उम्मीदवारों को उतारा है, कांग्रेस ने 61, वामदलों में भाकपा माले ने 20, भाकपा ने 9 और माकपा ने चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। वीआईपी ने 15 सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा की है। इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी (आईआईपी) 3 सीटों, बेल्दौर, जमालपुर और सहरसा से चुनाव लड़ रही है। ऐसे में महागठबंधन के 255 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। 11 प्रत्याशी आमने सामने हैं।

अशोक गहलोत लालू तेजस्वी से करेंगे मुलाकात
ऐसे में अब कांग्रेस-राजद में चल रहे कोल्ड वॉर को खत्म करने के लिए आलाकमान की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पटना भेजने का निर्णय लिया है।

गहलोत आज यानी बुधवार सुबह पटना पहुंचेंगे और इस दौरान वे राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार, उनके राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भी मिलने की संभावना है।

23 अक्टूबर को महागठबंधन का साझा प्रेस कांफ्रेंस
पार्टी सूत्रों का कहना है कि 23 अक्टूबर को पटना में महागठबंधन के शीर्ष नेताओं की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की योजना है। इस बैठक को कांग्रेस और राजद के बीच हाल के दिनों में बढ़ी दूरी को कम करने की दिशा में एक अहम राजनीतिक पहल माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अशोक गहलोत की मध्यस्थता से गठबंधन में चल रही खींचतान पर विराम लग सकता है और सीट बंटवारे पर जल्द सहमति बनने की उम्मीद है।



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