पटना: बिहार में 6 नवंबर को पहले और 11 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग है. पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया 17 अक्टूबर को समाप्त हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.

बिहार कांग्रेस का एक धड़ा नाराज है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद माधव और अन्य ने प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार के कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही आनंद माधव ने अपना इस्तीफा दे दिया है.

आनंद माधव ने दिया इस्तीफा
आनंद माधव के साथ ही कई अन्य नाराज कांग्रेस के नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस कर टिकट बंटवारे को लेकर सवाल उठाए हैं. आनंद माधव ने कहा कि पार्टी के समर्पित नेताओं को टिकट नहीं दिया गया और वैसे लोगों पर भरोसा जताया गया है, जो हाल फिलहाल में पार्टी में आए हैं.

टिकट बेचने का आरोप
उन्होंने आगे कहा कि हम कांग्रेस को डूबते हुए नहीं देख सकते हैं. हमारी कोशिश है कि हमारी आवाज राहुल गांधी तक जाए. लिस्ट उठाकर देख लीजिए कि कल जो आरजेडी में था और अभी कांग्रेस में आया भी नहीं उसको टिकट दिया गया है. आनंद माधव ने कहा कि मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहेंगे. टिकट बंटवारे के बाद सब समाप्त हो गया है. अब बिहार में कांग्रेस को 10 से भी कम सीटें आएंगी.

इन नेताओं के टिकट कटने से नाराजगी
गुरुवार रात को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी. इसमें 48 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है. छत्रपति यादव, इकलौता यादव और गजेंद्र शाही को टिकट नहीं मिला है, इसको लेकर उनके समर्थकों में नाराजगी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले चुनाव में 113 वोट से चुनाव हारने वाले गजेंद्र शाही को टिकट नहीं दिया गया, लेकिन जो 36-37 हजार वोट से हारे उनको टिकट दिया गया है.

जांच की उठी मांग
नेताओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पहले टिकट मिलता था तो उससे पहले सूची जारी होती था. लेकिन अब पहले सिंबल दिया जाता है. माधव ने कहा कि बहुत दुःख के साथ सबसे बात कर रहा हूं. हम इसकी जांच की मांग करते हैं. ऐसे कांग्रेस मजबूत नहीं हो सकता है.


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