मुजफ्फरपुर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रामबाग में 4 दिवसीय कला समेकित अधिगम कार्यशाला का शुभारंभ किया गया.

इस कार्यशाला का उद्देश्य डायट में डीएलएड द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों को शिक्षण कार्य में कला का समावेश कर विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की कुशलता का विकास करना है.


इस कार्यशाला के मुख्य साधन सेवी के रूप मे डायट बक्सर के कला शिक्षा के व्याख्याता आजीत कुमार, व शिक्षिका कनिष्कआ कुमारी, व्याख्याता कला शिक्षा डॉ संतोष राणा हैं. इस कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को कठपुतली कला और क्लासरूम थिएटर के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा.


इस कार्यशाला का उद्घाटन डायट प्राचार्या द्वारा दीप प्रज्वलित कर और डी एल एड के प्रशिक्षुओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर किया. यह कार्यशाला 14 अक्तुबर से लेकर 17 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा.

अपने संबोधन में प्राचार्या अनामिका कुमारी ने कहा कि कला जीवन का वह भाग है जो सदैव हमने मुस्कराने, हंसने और खुश रहने को प्रेरित कराता हैँ.

शिक्षक अगर कला से प्रेरित हो और अपने शिक्षण कार्य में कला का समावेश नित प्रतिदिन करते रहे तो बच्चों का सीखना सुगम और स्थायी हो जायगा.

इसके बाद एक शिक्षक को किन बातों की जानकारी होनी चाहिए किन मूल्यों को समावेशित करना चाहिए के ऊपर HPPI के अश्विनी कुमार पांडेय ने विस्तार से बताया. मंच संचालन प्रशिक्षु उमरा जवान ने किया.

इस अवसर पर डायट के वरीय व्याख्याता मनीष पांडे, राकेश सिन्हा, डॉ निर्मल कुमार, अर्जुन गिरी डॉ रहेला परवीन, HPPI के दीपक कुमार उपस्थित थे.



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