मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के बाह्रमणटोली स्थित संगत स्कूल प्रांगण में तीन दिवसीय भव्य काली पूजा महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। इसकी जानकारी आयोजन समिति द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई।

जहां पूजन आयोजक सह आचार्य डॉ. चंदन उपाध्याय ने बताया कि यह परंपरा 2006 से बाबा फतेहचंद की जीवित समाधि स्थल पर होती आ रही है।

इस वर्ष भी 20 अक्टूबर की रात्रि महाकाली प्रतिष्ठा एवं निशा पूजा आरंभ होगी, 21 अक्टूबर को हल्दी पूजन, देवी सहस्त्राचन एवं भव्य महाआरती का आयोजन होगा, जबकि 22 अक्टूबर को 1001 कन्याओं का कन्यापूजन, अन्नकूट प्रसाद वितरण और महाभंडारा के साथ संध्या में विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी।

इस अवसर पर मां दुर्गा के दस महाविद्या स्वरूप—काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला— की झांकी पंडाल में प्रदर्शित होगी।

इस दौरान प्रभात मालाकार ने बताया कि महोत्सव में बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर काली महाआरती तथा बंगाल के ढाक कलाकारों द्वारा पारंपरिक धनुची नृत्य विशेष आकर्षण रहेगा।

पूजन आचार्य के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के पंडित लड्डू झा और भरत झा शामिल होंगे। आयोजन में कई मठ-मंदिरों के पुजारी, शिक्षाविद, साहित्यकार एवं गणमान्यजन भाग लेंगे। वहीं दीपावली पर बन रहे त्रिग्रही योग (सूर्य, बुध और मंगल) एवं वैधृति योग व चित्रा नक्षत्र के संयोग से यह पूजा अत्यंत फलदायी मानी जा रही है।



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