पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के शिल्पी गौतम हत्याकांड को लेकर दिए गए बयान पर करारा हमला किया है. उन्होंने कहा कि राकेश किसी आइस्क्रीम बेचने वाले का नाम था, जो हाजीपुर का रहने वाला है. इसको (प्रशांत किशोर) कौन कहां-कहां से बुद्धि दे रहा है.
सम्राट चौधरी की सफाई
सम्राट चौधरी ने कहा कि शिल्पी गौतम कांड में सीबीआई ने पूरी तरह से जांच की. हम लोग को तो पता भी नहीं है और जिस राकेश की बात वह करते हैं, वह हाजीपुर का रहने वाला है. इनलोगों को बिहार के बारे में कुछ पता नहीं है.

‘सबका हिसाब होगा’-सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि वो (प्रशांत किशोर) नौसिखिया नेता हैं. 1995 में हमें जेल में डाला गया. हमारे परिवार के 22 लोग जेल में थे. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 किलोमीटर पैदल चलकर मेरे लिए विरोध प्रदर्शन किया था. मानवाधिकार आयोग ने बिहार की तत्कालीन लालू प्रसाद सरकार के खिलाफ कार्रवाई की. सबका हिसाब होगा, समय है, जनता तय करती है, जनता हिसाब देगी, जनता फिर से NDA की सरकार बनाएगी.

प्रशांत किशोर ने क्या कहा था
शिल्पी गौतम हत्याकांड को लेकर सोमवार (29 सितंबर) को प्रशांत किशोर ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि इस मामले में सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार को संदिग्ध आरोपी बनाया गया था. साथ ही उन्होंने सम्राट चौधरी को मीडिया के सामने आकर सफाई देने का चैलेंज भी किया था.

क्या है शिल्पी गौतम केस
3 जुलाई 1999 को पटना के एक सरकारी क्वार्टर के गैराज में एक कार से दो शव बरामद हुए थे. यह गैराज बाहुबली साधु यादव का था. दोनों शव अर्धनग्न हालत में थीं. इनमें से एक शव 23 साल की शिल्पी की थी. पटना वीमेंस कॉलेज की छात्रा थी और मिस पटना का खिताब जीत चुकी थीं. वहीं दूसरी लाश गौतम नामक युवक की थी, जिनके पिता डॉक्टर थे. गौतम आरजेडी की युवा शाखा से जुड़े थे और कई सत्ताधारी नेताओं से दोस्ती थी.




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