MUZAFFARPUR

एक दर्जन आईएएस अफसरों पर होगी एक करोड़ नौकरी देने की जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तैयार की टीम

बिहार : आगामी बिहार चुनाव में एनडीए सरकार का जो प्रमुख मुद्दा है, वह है बिहार में एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। फिर चाहें सीएम नीतीश कुमार हों, पीएम   मोदी हों या सम्राट चौधरी  हर मंच से यह बात कहते रहे  हैं। लेकिन, यह एक  करोड़   नौकरी कहां से आएगी।  इसको  लेकर सीएम नीतीश  कुमार की सरकार ने अभी से ही काम  करना शुरू कर दिया  है। हालांकि राजनीतिक  दलों   का काम सिर्फ घोषणाएं करना हो, लेकिन सरकारी विभागों में नौकरियों  का सृजन   करना अफसरों की  जिम्मेदारी होती है।

इसको लेकर बिहार के श्रम संसाधन विभाग  द्वारा एक कमेटी  बनाई गई है। इस कमेटी में 12 आईएएस शामिल किए गए हैं। जो सभी अलग अलग विभागों के एसीएस हैं।  वहीं कमेटी   की  अध्यक्षता विकास आयुक्त को सौंपी गई है। जो फिलहाल शिक्षा विभाग  के एसीएस एस सिद्धार्थ हैं।

इसके अलावा  कमेटी में वित्त  विभाग, सामान्य  प्रशासन विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास,  पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, उद्योग  विभाग, सूचना एवं  प्रावैधिकी विभाग,  प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, शिक्षा विभाग, पर्यटन विभाग, श्रम संसाधन विभाग के एसीएस/प्रधान सचिव/सचिव को  सदस्य   बनाया गया है। जो सरकार को नई नौकरी सृजन करने  को लेकर सलाह देने का काम करेगी।

जारी नोटिफिकेशन  में विभाग ने बताया है कि राज्य सरकार द्वारा नए रोजगार सृजन करने की वचनबद्धता की पूर्ति के उद्देश्य से अगले 05 वर्षों का दीर्घकालीन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हेतु रोजगार / नौकरी के नए अवसर को तलाशने एवं रोजगार सृजन हेतु व्यापक रणनीति बनाया जाना अपेक्षित है।

2. आगामी 05 वर्ष (2025-30) की अवधि में 01 करोड़ नई नौकरी / रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए नई नौकरी / रोजगार सृजन के लिए सभी संभावनाओं एवं विकल्पों पर विचार करते हुए राज्य सरकार को परामर्श देने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति निम्न रूपेण गठित की जाती है।

 

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