पटना : सासाराम की सियासत में बुधवार को बड़ा दिलचस्प वाक़या देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगे पोस्टर ने अचानक राजनीति का पारा चढ़ा दिया। दरअसल, एनडीए घटक दलों के नेताओं की तस्वीरों के बीच जन सुराज के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.पी. सिंह की तस्वीर भी छप गई। यह नज़ारा देखकर कार्यकर्ताओं के बीच खलबली मच गई और आनन-फानन में आर.पी. सिंह की तस्वीर पर स्टीकर चिपकाकर उसे ढक दिया गया।

यह ग़लती केवल मंच तक सीमित नहीं रही। कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार और अन्य तीन प्रमुख जगहों पर भी यही गलती दोहराई गई। हालांकि सीएम नीतीश कुमार के आने से पहले ही कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए तस्वीर को ढककर “मामला संभालने” की कोशिश की। लेकिन इस बीच यह घटना सियासी चर्चा का विषय बन गई।

जदयू के जिलाध्यक्ष अजय सिंह कुशवाहा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जो पोस्टर प्रिंटर को दिया था, उसी ने ग़लती से गलत तस्वीर छाप दी। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि जिन लोगों को पोस्टर लगाने की ज़िम्मेदारी दी गई थी, उनकी लापरवाही पर केस दर्ज किया जाएगा।इस पूरे प्रकरण ने विपक्ष को भी तंज कसने का मौक़ा दिया है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह केवल “प्रिंटिंग मिस्टेक” थी या फिर संगठनात्मक स्तर पर समन्वय की कमी का नतीजा। चुनावी साल में जब हर तस्वीर, हर मंचन, हर नारा मतदाताओं तक सीधा संदेश पहुंचाता है, तब ऐसी चूकें राजनीतिक तौर पर और भी वजनदार हो जाती हैं।




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