पटना: जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की ओर से ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी पर 200 करोड़ के बेनामी जमीन खरीदने का जो आरोप लगाया गया है उस पर बवाल थम नहीं रहा है. इसी बीच अशोक चौधरी ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि पीके ने उन पर जो आरोप लगाए हैं. अगर वो सही हैं तो वो उसका सबूत कोर्ट में एफिडेविट के माध्यम से दें. वो हिट एंड रन” की राजनीति कर रहे हैं.
पीके ने लगाए ये आरोप
जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी पर भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपों में करोड़ों रुपये के लेनदेन, जमीन खरीद और पारिवारिक लाभ शामिल हैं.
क्या कहते हैं अशोक चौधरी?
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि प्रशांत किशोर ने तीन आरोप लगाए हैं. पहला आरोप बेनामी जमीन खरीदने का है, जबकि उसे इलेक्शन कमिशन में दिखाया गया है और जब पैसा देकर जमीन खरीदी गई है तो बेनामी संपत्ति कैसे हुई.

अशोक चौधरी ने पीके से मांगे सबूत
दूसरा आरोप करोड़ों की राशि अकाउंट में ट्रांसफर होने का है. ऐसे में प्रशांत किशोर अकाउंट बताएं और तीसरा आरोप करोड़ों की जमीन खरीदने का है. इस पर भी प्रशांत किशोर बताएं कि कौन सी जमीन मैंने खरीदी है.
पीके को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस
अशोक चौधरी ने आरोपों को “झूठा और बेबुनियाद” बताते हुए प्रशांत किशोर को 100 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है. उन्होंने कहा कि जब किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जाता है तो उसके सबूत भी होने चाहिए.

क्या है मामला?
19 सितबंर 2025 को प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि अशोक चौधरी ने 2021 में अपने पीए योगेंद्र दत्त के नाम पर पटना के बिक्रम में 23 कट्ठा जमीन खरीदी और बाद में बेटी शांभवी के नाम पर करवा लिया. उनके मुताबिक किशोर कुणाल के बेटे सायन कुणाल से सगाई के बाद ‘मानस वैभव विकास’ ट्रस्ट के जरिये 200 करोड़ रुपये से उस जमीन की खरीदी की थी.
जदयू नेताओं के बयान रहे सामने
प्रशांत किशोर की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद जदयू मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी अशोक चौधरी को बिंदुवार सफाई देने के लिए कहा था. जदयू के कई नेताओं की तरफ से बयान आने लगे हैं. हालांकि अब अशोक चौधरी को नोटिस भेजे जाने के बाद सबकी नजर है कि प्रशांत किशोर अगला क्या कदम उठाते हैं.




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