MUZAFFARPUR

PMCH इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम

पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल  (PMCH)  के इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल  दूसरे दिन समाप्त हो गई। इंटर्न्स ने साफ़ किया है कि उन्होंने फिलहाल मरीजों की परेशानी को देखते हुए अपना आंदोलन वापस लिया है, लेकिन सरकार को सिर्फ़ एक हफ्ते का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे फिर से हड़ताल पर लौटेंगे।

इंटर्न डॉक्टरों का आरोप था कि सरकार ने हर तीन साल में स्टायपेंड बढ़ाने के नियम का पालन नहीं किया है। फिलहाल उन्हें 18 से 20 हज़ार रुपए मासिक स्टायपेंड मिलता है, जबकि उनकी मांग है कि इसे 40 हज़ार रुपए किया जाए। उनका कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया, इसी मजबूरी में उन्हें आंदोलन करना पड़ा।

दो दिन तक चली इस हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ा। सोमवार और मंगलवार दोनों दिन ओपीडी सेवाएं बाधित रहीं। अस्पताल में लगभग 3000 मरीज इलाज के बिना लौट गए। कई मरीज घंटों जमीन पर लेटे रहे और डॉक्टरों का इंतज़ार करते रहे, लेकिन इलाज न मिलने से निराश होकर घर लौटना पड़ा। हालाँकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं, जिससे गंभीर स्थिति वाले मरीजों को राहत मिली।

इंटर्न डॉक्टर मोहम्मद अली मोदशिर ने बताया कि उनकी लिखित माँगें अस्पताल प्रशासन ने सरकार को भेज दी हैं। सुपरिटेंडेंट ने आश्वासन दिया है कि एक हफ्ते के भीतर निर्णय लिया जाएगा। मरीजों का इलाज बाधित न हो, इसलिए फिलहाल हड़ताल समाप्त की गई है। लेकिन अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और भी कड़ा होगा।

इंटर्न डॉक्टरों की इस हड़ताल ने एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जहाँ मरीजों को इलाज से वंचित होना पड़ा, वहीं सरकार पर अब यह दबाव है कि वह समय रहते स्टायपेंड वृद्धि पर ठोस कदम उठाए।फिलहाल मरीजों को राहत तो मिली है, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों के अल्टीमेटम से साफ़ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा फिर से तूल पकड़ सकता है।

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