MUZAFFARPUR

गलत जुर्माना चालान से ना हों परेशान, मोबाइल पर होगा समाधान; ट्रांसपोर्ट विभाग की नयी व्यवस्था जल्द

बिहार : बिहार में परिवहन विभाग की व्यवस्था से परेशान वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है। गलत चालान और जुर्माने की शिकायत के लिए उन्हें दरबदर नहीं होना पड़ेगा। जल्द ही वे मोबाइल एप पर तत्काल शिकायत दर्ज करा करेंगे। परिवहन आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने इसके लिए एप विकसित करने का निर्देश राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) को दिया है। ऐसा भी देखा गया है कि गाड़ियां घर में होती हैं और चालान दूर के किसी शहर में कट जाता है।

दरअसल, परिवहन विभाग के सिस्टम से परेशान बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने 25 जुलाई की मध्य रात से चक्का जाम का फैसला किया है। इसलिए प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया और तुरंत वाहन मालिकों की शिकायत के लिए एप विकसित करने का निर्णय लिया।

रेडक्रॉस के सचिव प्रकोष्ठ में गुरुवार को प्रेस कॉन्फेंस में फेडरेशन के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि बीते 19 जुलाई को फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) एवं राज्य परिवहन आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें परिवहन व्यवसाय में आ रही परेशानियों से अवगत कराया। इस पर परिवहन आयुक्त ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। साथ ही विशेष एप विकसित करने की पहल के बारे में बताया। इस एप पर वाहन मालिक (बाइक सहित) या चालक गड़बड़ी को अपलोड कर तुरंत शिकायत कर सकते हैं। इसका निराकरण त्वरित होगा।

प्रतिदिन दिन 10 लाख से अधिक हो रही जुर्माना वसूली

ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग के आंकडों के मुताबिक जिले में वाहन चेकिंग से प्रतिदिन 200 से अधिक बाइक और 50 से अधिक तिपहिया-चौपहिया वाहनों का ई-चालान काटा जा रहा है। औसतन मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन पर साढ़े चार से पांच लाख रुपये वसूला जा रहा है। इसके अलावा ट्रक से ओवरलोडिंग, नो-पार्किंग, परमिट उल्लंघन आदि को लेकर प्रतिदिन पांच लाख से अधिक की राशि बतौर जुर्माना वसूला जा रहा है।

ये हैं आम समस्याएं

● हर तरह की गाड़ियों का पुलिस द्वारा अनावश्यक फोटो खींच जुर्माना लगाने का मोबाइल पर मैसेज आ रहा है।

● आरटीए में परमिट ससमय नवीकरण में आवेदन देने पर लगभग छह माह लगता है। उस पर जुर्माना लिया जाता है।

● परमिट प्रत्यर्पण करने वाले वाहन स्वामी को परेशान करने के नियम से छह माह से एक साल तक लगता है।

● स्वीकृत परमिट को निर्गत करने में चार माह तक लिया जाता है। जबकि एक सप्ताह में डाक द्वारा भेजने का नियम है।

● बहुत से गाड़ी रोड में परिचालन नहीं करने पर भी जुर्माने का मैसेज आ गया है।

पटना में डॉक्टर के कार का नंबर हो रहा इस्तेमाल

मिठनपुरा के डॉ. रमेश कुमार गुप्ता ने ट्रैफिक थाना से गलत चालान काटने को लेकर शिकायत की थी। उनके पास बाइक नहीं है। फिर भी रेड लाइट जंप का ई-चालान उनके मोबाइल पर भेजा गया था। वह बीते माह पटना नहीं गये। लेकिन डाक बंगला चौराहा पर उनकी कार का ई-चालान जेनरेट किया गया। जांच में पता चला कि उनके कार का नंबर पटना में किसी वाहन पर इस्तेमाल हो रहा है।

मोतिहारी गये नहीं और कट गया ई-चालान

अघोरिया बाजार के संजीव कुमार का मोतिहारी ट्रैफिक पुलिस ने ई-चालान भेज दिया। उनके बाइक पर ट्रिपल सवारी करने का आरोप है। जबकि, वह छह माह से मोतिहारी गए ही नहीं। उन्होंने परिवहन विभाग और ट्रैफिक थाना के ई-मेल पर शिकायत की। अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि पुलिस चकिया टॉल प्लाजा का सीसीटीवी फुटेज खंगाल लें। वह छह माह के अंदर मोतिहारी अपने वाहन से नहीं गये हैं।

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