पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण में भारत-नेपाल सीमा स्थित मैत्री पुल के पास एसएसबी 47वीं बटालियन की मानव तस्करी रोधी इकाई के जवानों ने नेपाल से आ रही एक किशोरी को मुक्त करा लिया। वहीं चार संदिग्ध मानव तस्करों को गिरफ्तार किया। चारों पटना के संपत्त चौक सोनागोपाल के रहने वाले हैं।

हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि किशोरी को चारों तस्कर लेकर वीरगंज से रक्सौल आ रहे थे। इस दौरान सीमा पार करने के का प्रयास करते उन्हें संदेह के आधार पर रोक लिया । मानव तस्करी रोधी इकाई के प्रभारी विकास कुमार ने नाबालिग लड़की की काउंसलिंग की। इस दौरान खुलासा हुआ कि चारों व्यक्ति पटना के रहने वाले हैं।

मुक्त नाबालिग लड़की सीतामढ़ी की निवासी है। मोहम्मद शाहिद अंसारी नाबालिग लड़की से सोशल मीडिया के माध्यम से सम्पर्क में आया। उसने लड़की से प्यार, मुहब्बत व शादी का झांसा देकर पहले अपने प्रेम जाल में फंसाया। फिर उसे शादी करने की बात कह कर घर से भगाया। फिर अपने दोस्तों मो.साहिल अंसारी, गोलू अंसारी व सुभान अंसारी के साथ मिल कर लड़की को काठमांडू नेपाल ले जाने का प्लान बना कर नेपाल ले गये।

उन्होंने लड़की को आठ दिनों तक एक किराये के मकान में बंधक बना कर रखा। शाहिद अंसारी ने लड़की से शादी करने का वादा किया था। लेकिन लड़की को गुमराह करता रहा। बाद में भारत में जाकर शादी करने की बात कह कर उसे पटना, बिहार ले जाने के लिये चला था। सीमा पर पकड़े जाने के बाद मानव तस्करी रोधी इकाई ने लड़की के परिजन से संपर्क किया। तो पता चला कि परिजन ने इस सिलसिले में अपहरण का केस सीतामढ़ी क्षेत्र के स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया है। टीम ने गिरफ्तार मानव तस्कर व मुक्त नाबालिग लड़की को आवश्यक कानूनी कार्यवाही के लिये हरैया पुलिस को सौंप दिया।

हरैया थानाध्यक्ष ने बताया कि तस्करों व मुक्त लड़की को अपहरण के केस में सम्बन्धित पुलिस थाना के हवाले कर दिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में एसएसबी मानव तस्करी रोधी इकाई 47 बटालियन के इंस्पेक्टर विकास कुमार, हवलहार अरविंद द्विवेदी महिला सिपाही नीतू कुमारी, राजन कुमारी, कविता कुमारी, झिल्ली साहू, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर से आरती कुमारी, राजगुप्त एवं स्वच्छ रक्सौल संस्था से रणजीत सिंह व साबरा खातून शामिल थे।





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