MUZAFFARPUR

दुकान से कर्मचारी को हटाने से एक महीने पहले देना होगा नोटिस, बिहार में नया कानून लागू

बिहार में अब किसी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मियों को बिना समुचित कारण तथा एक माह के नोटिस दिए हटाया नहीं जा सकेगा। अगर ऐसा किया जाता है तो कर्मी को नोटिस के बदले एक महीने का मानदेय देना होगा। यह उन कर्मियों पर लागू होगा, जो 6 महीने या इससे अधिक समय से संबंधित दुकानों या प्रतिष्ठानों में कार्य कर रहे हैं। दुकानदारों तथा इसमें कार्य करने वालों को सहूलियत प्रदान करने के मकसद से राज्य में ‘बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) अधिनियम 2025 लागू कर दिया गया है। इसका गजट प्रकाशन भी हो गया है।

अब श्रम संसाधन विभाग इसकी नियमावली बनाकर इसके प्रावधानों को राज्य भर में लागू कराएगा। इस कानून में यह भी साफ किया गया है कि दुकानों-प्रतिष्ठानों में सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने की अपेक्षा कर्मियों से नहीं की जाएगी। वहीं, एक दिन में अधिकतम 9 घंटे तक काम लिए जाएंगे। अगर, सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम लिए जाएंगे, तो उसके लिए अतिरिक्त राशि का भुगतान संबंधित कर्मी को करना होगा।

10 या अधिक कर्मी हैं, तो 6 महीने में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

कानून के मुताबिक 10 से कम कर्मियों को रखने वाले दुकानों-प्रतिष्ठानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य नहीं होगा। 10 या इससे अधिक कर्मियों वाले दुकानों-प्रतिष्ठानों को इसका आदेश जारी होने की तिथि से 6 माह के अंदर पंजीकरण कराना होगा।

अंशकालिक महिला कर्मियों को 90 दिनों का मातृत्व अवकाश

गिग (अंशकालिक) कामगारों के हितों और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बिहार प्लेटफॉर्म आधारित गिग कामगार (निबंधन, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण) अधिनियम 2025 को भी लागू कर दिया गया है। महिला गिग कामगारों को गर्भावस्था तथा प्रसव के दौरान 3 महीने का मातृत्व लाभ मिलेगा। इन 3 महीनों के लिए न्यूनतम मजदूरी अथवा राज्य सरकार द्वारा तय की गई राशि महिला कामगारों को उपलब्ध कराई जाएगी।

गिग कामगारों को इस कानून का लाभ सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड के गठन की कार्रवाई अब शीघ्र की जाएगी। बोर्ड के माध्यम से गिग कामगारों तथा इनसे कार्य लेने वाली कंपनियों का पंजीयन कराया जाएगा। इसको लेकर भी जल्द ही एक नियमावली राज्य कैबिनेट से पारित कराई जाएगी। इसके बाद बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा। इस बोर्ड में कई विभागों के पदाधिकारियों के अलावा गिग कामगारों के तथा संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

ड्यूटी पर जान गई तो परिजन को 4 लाख मिलेंगे

ड्यूटी पर रहते हुए आकस्मिक मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एकमुश्त परिजन को अनुग्रह अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। ड्यूटी पर रहते हुए दुर्घटना के मामले में एक सप्ताह से अधिक अस्पताल में भर्ती होने पर 16 हजार और इससे कम दिनों तक भर्ती होने पर 5400 रुपये दिये जाएंगे। वहीं, कर्मी की मृत्यु पर परिजन को 4 लाख दिए जाएंगे। अगर कर्मी दुर्घटना में दिव्यांग हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति में 74 हजार से ढाई लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा।

इस संबंध में पदाधिकारी बताते हैं कि गिग कामगारों में वैसे श्रमिक आते हैं, जो किसी एक कंपनी के कर्मी नहीं होते हैं। वह, एक साथ कई कंपनियों के लिए काम करते हैं। इनमें होम डिलीवरी करने वाले श्रमिक प्रमुख रूप से आते हैं।

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