मुजफ्फरपुर: ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में सत्र 2025-2029 के नए छात्रों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने की।कार्यक्रम में सभी विषयों के विभागाध्यक्षों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत सीबीसीएस प्रणाली द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के प्रारूप का विस्तार से परिचय कराया। साथ ही महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों-प्रयोगशाला, ऑनलाइन कक्षा, पुस्तकालय एवं छात्र अध्ययन कक्ष की जानकारी दी गई। CIA (आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा) की अनिवार्यता और महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।



अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों के लिए नवऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की पहचान ज्ञान, अनुशासन और सहभागिता पर आधारित है तथा एनएसएस, एनसीसी, क्रीड़ा और सांस्कृतिक विभाग छात्रों की प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि इन विभागों की गरिमा बढ़ाने के लिए वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।



इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि छात्रों की विशिष्ट पहचान के लिए वस्त्र कूट (ड्रेस कोड) लागू किया जाएगा, जिसकी सूचना महाविद्यालय की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने नियमित उपस्थिति को प्राथमिकता देते हुए कहा कि जो छात्र नियमित महाविद्यालय आएंगे, उन्हें समय-समय पर पुरस्कृत किया जाएगा।



प्राचार्या ने यह भी स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन का उपयोग केवल निर्धारित मोबाइल जोन में ही किया जा सकेगा, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सहशिक्षा के वातावरण में छात्र-छात्राओं के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध और महाविद्यालय परिसर में ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता के विकास पर बल दिया गया। अंत में, उन्होंने महाविद्यालय को तंबाकू सेवन मुक्त परिसर घोषित किया।



इस अवसर पर डॉ. विजयेन्द्र झा, डॉ. संध्या, डॉ. जितेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. ममता, डॉ. ज्योति, डॉ. स्वाति, डॉ. लक्ष्मी भारती, डॉ. रचना प्रियदर्शिनी, डॉ. फिरोज, डॉ. आशा, डॉ. शशि, डॉ. एनी जोया, डॉ. रूमा, डॉ. पायल, डॉ. नीतू सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन चित्तरंजन कुमार ने किया।








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