मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित खुदीराम बोस स्मारक पर खुदीराम बोस शहादत दिवस के अवसर पर लिचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान के संस्थापक पर्यावरण विद् सुरेश कुमार गुप्ता एवं श्वेता श्रीवास्तव ने लीची की आकृति वाली शंख से शंखनाद करते हुए साथ में लीची की आकृति वाले छाते लेकर ज्ञानदीप के छात्राओं ने शहीद खुदीराम बोस की परिक्रमा की।



इस दौरान डिप्टी मेयर डाॅ मोनालिशा, डॉ पुष्पा प्रसाद, डॉ वदंना विजय लक्ष्मी, रंजना झा, स्वेता श्रीवास्तव, मुस्कान केशरी, नीतू तुलसियान ने लीची और लीची के पत्तों से बनी माला से मलयार्पण किया। साथ ही लीची के पत्ते का मुकुट पहनाया एवं आने वाले और उपस्थित लोगों को प्रेरित किया कि लीची के पेड़ को बढ़ावा दे ताकि विश्व में मुजफ्फरपुर की पहचान लीची पुर्नजागृत हो।


वहीं लिचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान के संस्थापक सुरेश गुप्ता ने लीची के पत्ता का माला व लीची के पत्ता के मुकुट से आजादी की लड़ाई में पहला बम फेंकने वाले शहीद खुदीराम बोस को माल्यार्पण किया। साथ ही लोगों को यह संदेश दिया कि मुजफ्फरपुर की पहचान खुदीराम बोस है और लीची से है।



पूरे विश्व में शाही लीची को लोग पहचानते हैं लेकिन मुजफ्फरपुर के 80% लीची के पेड़ कट चुके हैं उसे पुनर्जीवी करना आवश्यक है। आगत लोगों बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के विकास के साथ सांस्कृतिक और आर्थिक विकास लीची हो सकती है, लेकिन इसे लोग नजरअंदाज कर रहे हैं। जबकि अन्य राज्यों में लीची से काफी विकास हो रहा है।







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