पटना: बिहार के पीडीएस डीलर के लिए खुशखबरी है. सीएम नीतीश कुमार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में डीलरों को लेकर बड़ा फैसला लिया. अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ऑपरेटर को सप्ताह में एक दिन की सरकारी छुट्टी के साथ पर्व त्योहार में भी छुट्टी दी जाएगी. बता दें कि लंबे समय से पीडीएस डीलर सरकार से मांग कर रहे थे. हालांकि छुट्टी के अलावे कई ऐसी मांग है, जो अभी तक अटका हुआ है.

इस दिन मिलेगी छुट्टी
बिहार सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि बिहार में 55000 पीडीएस डीलर हैं. इन सभी को सप्ताह में एक दिन सोमवार को छुट्टी मिलेगी. इसके अलावा 26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर , होली, दिवाली, छठ और ईद सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्व-त्योहारों में भी सरकार ने छुट्टी देने का फैसला लिया है.

8 सूत्री मांग
बता दें कि बिहार के 55 हजार पीडीएस डीलर 22 जुलाई को अपनी आठ सूत्री मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे. पटना के गर्दनीबाग में धरना प्रदर्शन किया गया था. 8 सूत्री मांगों में सरकारी कर्मी का दर्जा, 30 हजार रुपया मासिक वेतन, 300 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन, लाभुकों के समानुपात के हिसाब से खाद्यान्न आपूर्ति की मांग, सरकारी अवकाश एवं अनुकंपा नियुक्ति में उम्र सीमा समाप्त करने और 5 साल पुरानी पॉश मशीन के बदले नया 5जी पॉश मशीन देने संबंधित मांग चली आ रही है.

सात मांगें बाकी
इन 8 सूत्री मांग में केवल एक मांग को पूरा किया गया. अब सप्ताह में सोमवार को छुट्टी और पर्व त्योहार में भी छुट्टी दी जाएगी. हालांकि सरकारी कर्मी घोषित करने और 30 हजार रुपये वेतन में कोई विचार नहीं किया गया. सात मांगे अब भी लंबित है.

पीडीएस क्या है
पीडीएस (Public Distribution System) यानि सार्वजनिक वितरण प्रणाली है. इसके माध्यम से बिहार के गरीब लोगों को फ्री में राशन उपलब्ध कराया जाता है. राज्य के हर पंचायत में इसका सेंटर होता है, जहां लोगों के लिए राशन आपूर्ति किया जाता है. दुकान का संचालन करने वाले को डीलर कहा जाता है. इन्हें बेचे गए अनाज के आधार पर कमीशन दिया जाता है.

कई बड़े फैसले
चुनावी साल में मुख्यमंत्री कई बड़े फैसले लिए हैं. सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 से बढ़कर 1100 कर दिया है. 125 यूनिट बिजली फ्री कर दी है. जीविका दीदी, ममता और आशा कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग में रसोईया, रात्रि प्रहरी, फिजिकल टीचर तमाम लोगों का मानदेय या प्रोत्साहन राशि दुगना करने का भी फैसला लिया जा चुका है. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का भी मानदेय डेढ़ गुना कर दिया गया है.





Leave a Reply