MUZAFFARPUR

खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा गंगा का जलस्तर, कई गांवों से टूटा संपर्क

बक्सर: जीवनदायिनी मां गंगा का रौद्र रूप देखकर गंगा दियारा इलाके में रहने वाले लोग कांप गए है. खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा के इस रौद्र रूप को देख जिला प्रशासन के अधिकरियों के आंखों से नींद गायब हो गई. 5 अगस्त तक गंगा की जलस्तर में काफी वृद्धि होने की संभावना जताते हुए प्रशासन ने बीमार और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर निकालना शुरू कर दिया है.

कई गांवों का संपर्क टूटा

स्थानीय लोगों की मानें तो गंगा का इतना विकराल रूप कई दशक बाद देखने को मिला रहा है. मानों सब कुछ बहाकर ले जाने के लिए प्रलयकारी धारा मचल रही हो. इधर चौसा प्रखण्ड के बनारपुर के कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. चौसा मोहनिया स्टेट हाइवे के बाढ़ की पानी में डूब चुका है. जिसको देखते हुए आसपास नाव से लोग सवारी कर रहे हैं. दियारा इलाके के कई गांव का संपर्क पथ पूरी तरह से बाढ़ में डूब जाने के कारण उन गांवों से संपर्क टूट गया है.

क्या है वर्तमान स्थिति?

बक्सर जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है. केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार अभी गंगा का जलस्तर में 5 अगस्त तक लगातार वृद्धि होगी. गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 55 से 60 सेंटीमीटर ऊपर बहने का अंदेशा जताया जा रहा है.

खतरे पर प्रशासन की नजर

वर्तमान में बक्सर का सभी क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित है और जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में है. सिमरी प्रखंड के गंगौली, श्रीकांत राय के डेरा, बेनी लाल के डेरा, तवकल राय के डेरा, कोयलावीर बाबा के डेरा, दली के डेरा, लाल सिंह के डेरा, लक्ष्मीशंकर का डेरा, रामदास राय का डेरा समेत कई गांव का संपर्क पथ पानी मे डूब जाने के कारण उन गांवों से संपर्क टूट गया है.

हेल्पलाइन नंबर जारी

जिला प्रशासन के द्वारा उपलब्ध कराई गई कुल 9 बोट से जरूरत पड़ने पर सुरिक्षत लोगों को लाया और ले जाया जा रहा है. इधर बक्सर अंचल के, जरिगंवा गांव के निचले हिस्से में पानी भर जाने के कारण, प्रभावित व्यक्तियों को राहत उपलब्ध कराया गया है. जिला प्रशासन ने गंगा की तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने के लिए अपील की है. साथ ही किसी भी आपात स्थिति में अपने क्षेत्र के अंचलाधिकारी, अनुमंडल अधिकारी, जिला आपात कालीन केंद्र की दूरभाष संख्या 06183-223333 पर तत्काल सूचना देने का आग्रह किया गया है.

कई दशक बाद गंगा का विकराल रूप

दो सप्ताह के अंदर दूसरी बार गंगा की बढ़े जलस्तर ने जिले के पांच प्रखण्ड, चौसा, बक्सर, सिमरी, चक्की और ब्राह्मपुर के दर्जनों गांवों को प्रभावित किया है. इस इलाके में रहने वाले मोहन सिंह ने बताया कि कई दशक बाद गंगा का विकराल रूप देखने को मिला है. जिसकी प्रलयकारी धारा को देखने मात्र से दिल दहल जा रहा है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.