MUZAFFARPUR

ACS एस. सिद्धार्थ की अनोखी नीति से 17 हजार से ज्यादा शिक्षकों को मिला लाभ, पारस्परिक सहमति का ऐसे उठाएं लाभ

बिहार : जब नीति में पारदर्शिता हो और नेतृत्व में संवेदना, तो समाज में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखने लगता है। बिहार सरकार की तरफ से आपसी सहमति के आधार पर शिक्षकों के तबादले की नीति ने न केवल राज्य के हजारों शिक्षकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है बल्कि उनके परिवार के लिए भी खुशियों के रंग बिखेर दिए हैं। राज्य में अबतक 17,242 शिक्षकों को उनकी इच्छा के अनुसार उनके पसंदीदा स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है। विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने पहली बार इसके लिए विशेष नीति तैयार करके इस जटिल कार्य को सहज तरीके से कर दिया। यह बड़ी उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।

बारह वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद सुमन कुमारी और शिल्पी वर्णवाल को अपने-अपने ससुराल के क्षेत्र में स्थित स्कूलों में पदस्थापना मिली है। विगत गुरुवार को उन्होंने क्रमशः उच्च माध्यमिक विद्यालय, चन्दवारा (जमुई) तथा प्राथमिक विद्यालय, तारडीह (गिद्धौर) में योगदान देकर एक नए जीवन की शुरुआत की है। शिक्षा विभाग की म्यूचुअल ट्रांसफर नीति से 12 वर्ष बाद मिली ससुराल में तैनाती से इन दोनों शिक्षिकाओं की आंखें खुशी से नम हो गईं। यह कहानी सिर्फ इन्हीं दोनों शिक्षिकाओं की नहीं है, बल्कि ऐसी सैकड़ों शिक्षिकाओं को इससे काफी फायदा हुआ है।

ज्ञात हो कि पिछले दिनों शिक्षा विभाग द्वारा म्यूचुअल ट्रांसफर नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इसी नीति के अंतर्गत दोनों शिक्षिकाओं ने ‘ई-शिक्षा कोष’ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से म्यूचुअल ट्रांसफर हेतु आवेदन किया था। दोनों शिक्षिकाओं के लिए हैरानी की बात यह रही कि मात्र पांच दिनों में ही उनके स्थानांतरण से सम्बंधित आदेश जारी कर दिए गए। जो कभी असंभव प्रतीत होता था, आज वह एक प्रेरक सच्चाई बनकर सामने है।

शिक्षा विभाग की आपसी सहमति (म्युचुअल) नीति से तबादले के तहत सभी समूह के शिक्षक एक ही कैटेगरी यथा नियमित से नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक से विशिष्ट शिक्षक, एक विद्यालय अध्यापक से विद्यालय अध्यापक और एक ही विषय जैसे गणित से गणित, भौतिक शास्त्र से भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र से रसायन शास्त्र इत्यादि के हैं। शिक्षा विभाग की इस तबादला नीति में कहा गया है कि जो भी शिक्षक स्थानांतरण चाहते हैं, वे ई-शिक्षाकोष में लॉग इन कर अपने जिले में स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षकों की सूची देख सकते हैं। वे अपने विषय और कैटेगरी के स्थानांतरण के इच्छुक पूरे पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल, जिला की सूची भी देख सकेंगे।

इस प्रक्रिया में कोई शिक्षक दो या दो से अधिक अधीनस्थ दस वैसे शिक्षकों तक का चयन कर सकते हैं, जो पारस्परिक स्थानांतरण के इच्छुक हैं। ओटीपी के माध्यम से संबंधित शिक्षकों का मोबाइल नंबर प्राप्त हो सकेगा, जिनसे संपर्क कर वह अपने इच्छित विद्यालय का चयन कर सकते हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया में पादर्शिता के लिए उनके आवेदन ई-शिक्षाकोष के माध्यम से मांगे गए थे। ई-शिक्षाकोष में ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होने के बाद स्थानांतरण आदेश निर्गत किया गया है।

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