मुजफ्फरपुर : बिहार में परिवहन कानून सख्त है। गाड़ी चलाते वक्त जरा सी चूक या लापरवाही जुर्माने सबब बन जाता है। लेकिन मुजफ्फरपुर में एक कार चालक को अजीबोगरीब चालान आया है। बीबीगंज निवासी मणिरंजन कुमार को 24 जुलाई को मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज आया। इसमें कार की तस्वीर के साथ बताया गया है कि चार माह पहले 22 मार्च को दोपहर 1:29 बजे रुपौली से गुजर रहे थे। उस समय हेलमेट नहीं पहना था। मजे की बात यह है 90 दिन में चालान राशि का भुगतान करना होता है, लेकिन चालान का मैसेज ही आया 120 दिन में।

मणिरंजन को दूसरे मैसेज में कार के ओवरस्पीड और सीट बेल्ट नहीं पहने होने का चालान भेजा गया, जो चांदनी चौक ओवरब्रिज के नीचे का है। मणिरंजन का आरोप है कि 2 मई को वह चांदनी चौक ओवरब्रिज के नीचे कार से जा रहा था। ब्रह्मपुरा थाने की पुलिस ने उन्हें रोका। सीट बेल्ट नहीं लगाया था।

पुलिस ने पैसे की डिमांड की। रुपये नहीं दिये तो सिपाही ने मोबाइल से पीछे से कार की फोटो खींच ली। फिर उसी मोबाइल की तस्वीर को डिवाइस में फीड कर ओवर स्पीड और सीट बेल्ट नहीं पहनने का चालान काट दिया। ओवरस्पीड के चालान में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि गाड़ी कितनी स्पीड में थी। मणिरंजन ने एसएसपी सुशील कुमार को आवेदन देकर शिकायत की है।

एक साल के बाद पहुंचा चालान का मैसेज, भरना पड़ा जुर्माना
मनियारी थाना क्षेत्र की यासमीन सुरैया ने बताया कि उन्हें 15 मई को चालान का मैसेज आया, जिसमें बताया गया था कि 27 मई, 2024 को बिना हेलमेट पहने बाइक चला रही थी जबकि उसके पास स्कूटी है। चालान में तस्वीर से स्पष्ट नहीं है कि स्कूटी है या बाइक। एक साल के बाद आए इस चालान के मैसेज को लेकर यासमीन ने शिकायत की, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं की गई।

उसकी स्कूटी के नंबर पर चालान जेनरेट था। इस वजह से प्रदूषण का सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा था। शिकायत के निवारण को लेकर सुनवाई से भी ट्रैफिक पुलिस ने इनकार कर दिया था। मजबूरन चालान राशि जमा कराकर प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाया। यासमीन ने बताया कि उसकी स्कूटी पर एक साल पहले का पांच चालान पांच हजार रुपये का भेजा गया। जबकि किसी चालान में कोई गलती नहीं दिख रही है।







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