MUZAFFARPUR

चंदन मिश्रा ह’त्याकांड में पश्चिम बंगाल से अ’पराधियों की गि’रफ्तारी, पटना के अस्पताल में हुआ था शूटआउट

पटना: राजधानी पटना के प्राइवेट अस्पताल में चंदन मिश्रा मर्डर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल से शूटरों को अरेस्ट किया गया है. पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर अपराधियों को दबोचा है. हालांकि गिरफ्तारी की फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक शेरू सिंह गिरोह से जुड़े शूटरों को गिरफ्तार किया गया है.

चंदन मिश्रा हत्या मामले में गिरफ्तारी- सूत्र

पटना के बड़े निजी अस्पताल में घुसकर गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या मामले में बंगाल का जेल कनेक्शन सामने आया है. मामले में शुक्रवार को बंगाल के पुरूलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी शेरू सिंह से पूछताछ की गई. सूत्रों के अनुसार शेरू सिंह गिरोह से जुड़े शूटरों को अरेस्ट किया गया है.

पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारियां

पुलिस सूत्रों को अनुसार 17 जुलाई के पटना के निजी अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस और एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारियां की हैं. जल्द की सभी को पटना लाया जाएगा.

अभी और हो सकती है गिरफ्तारियां

सूत्रों के अनुसार पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर रही है. पूछताछ के साथ ही कुछ और आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिली है, जहां छापेमारी जारी है. चंदन हत्याकांड में और भी अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है. पुलिस ने अबतक गिरफ्तार लोगों के नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

बंगाल से जुड़े तार

इस हत्याकांड में सबसे पहले तौसीफ रजा उर्फ बादशाह का नाम सामने आया था. इसके बाद पुलिस ने बक्सर के मोनू सिंह के नाम की पुष्टि की थी. इसके अलावा बलवंत, नीलेश, अभिषेक, निशु और सूर्यभान समेत दस आरोपियों के नाम सामने आए थे. इसी बीच बिहार पुलिस पुरूलिया जेल में बंद कुख्यात शेरू सिंह के नेटवर्क को खंगालते हुए बंगाल पहुंची थी.

गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या

बता दें कि बक्सर के कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की पटना के निजी अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हथियारबंद अपराधियों ने अस्पताल में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर चंदन को मौत की नींद सुला दिया था. चंदन रूम नंबर 209 में थे. सीसीटीवी में अपराधियों के चेहरे कैद हो गए थे. मामले में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.

डीजीपी ने क्या कहा था?

इस मामले में गुरुवार को डीजीपी विनय कुमार ने कहा था कि मामले को पुलिस खंगाल रही है और कई अहम सुराग मिले हैं. जल्द ही मामले की उद्भेदन कर लिया जाएगा. इतने बेरोकटोक अस्पताल के अंदर अपराधियों का पहुंचना, जांच का विषय है. चंदन के साथ कभी काम करने वाले लोग ही अब उसके प्रतिद्वंद्वी बन गए थे, इस बात से उसे आगह किया गया था और जान का खतरा बताया गया था.

 

एडीजी ने शेरू सिंह का लिया था नाम

मामले में शुक्रवार को एडीजी कुंदन कृष्णन ने जानकारी देते हुए बताया था कि पूरे बक्सर ज़िले में हर कोई जानता है कि ये दोनों गिरोह (चंदान और शेरू सिंह) काफ़ी कुख्यात थे. 2011 में इन दोनों ने मिलकर लगभग सात-आठ हत्याएं की थीं. इनमें से एक हत्या के मामले में, केशरी जी की हत्या के मामले में, 2017 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.