नालंदा: नालंदा में बुधवार को सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करा रहे आरपीएस स्कूल के लेखपाल (इंविजिलेटर), कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर, एक अभ्यर्थी और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई नूरसराय थाना क्षेत्र के मकनपुर आरपीएस स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई है.

ब्लूटूथ से नकल करते मिला अभ्यर्थी
बता दें कि मामले का पता तब चला जब परीक्षा केंद्र के अंदर ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कर रहे एक अभ्यर्थी को रंगे हाथों पकड़ा गया. वहीं, जब अभ्यर्थी से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे यह डिवाइस परीक्षा केंद्र पर तैनात वीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने ही मुहैया कराई थी.

सॉल्वर गैंग में कोचिंग सेंटर भी शामिल
प्रवीण कुमार उसी स्कूल में लेखपाल के पद पर भी कार्यरत है. अभ्यर्थी ने बताया कि यह पूरी सेटिंग उसके दोस्त विजय कुमार के माध्यम से हुई थी. पुलिस ने जब वीक्षक प्रवीण कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो रैकेट का तार बिहारशरीफ स्थित एक कोचिंग सेंटर से जुड़ा मिला.

कोचिंग सेंटर का डायरेक्टर गिरफ्तार
प्रवीण ने खुलासा किया कि उसे यह डिवाइस कोचिंग के डायरेक्टर मनोज कुमार ने दी थी. इस सूचना पर पुलिस की विशेष टीम ने तत्काल छापेमारी कर डायरेक्टर मनोज कुमार और बिचौलिए विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है.

ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल फोन जब्त
आरोपियों के कब्जे से ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड जब्त किए गए हैं. मामले में बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की नई धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

नालंदा में बनाए गए थे 23 परीक्षा केंद्र
नालंदा जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए कुल 16, 578 अभ्यर्थियों के लिए 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. वहीं, सभी जिलों में कुल 627 सेंटर बनाए गए थे. हर परीक्षा केन्द्र पर केन्द्र ऑब्जर्वर और दो स्टैटिक दंडाधिकारी तैनात किए गए थे. इसके अलावा जांच के लिए पांच वरीय पदाधिकारियों की उड़नदस्ता टीम भी गठित की गई थी.






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