गया: बिहार के गयाजी में भगवान भोलेनाथ लग्नेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं. इस मंदिर की महिमा निराली और चमत्कारी मानी जाती है. देशभर में प्रसिद्ध यह मंदिर न केवल शादी की बाधाओं को दूर करने के लिए जाना जाता है, बल्कि पति-पत्नी के बीच के विवादों को समाप्त कर उनके दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए भी विख्यात है.

शादी की बाधाओं का होता है निवारण
लग्नेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने से शादी में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. जिन युवक-युवतियों की शादी मांगलिक दोष, पितृ दोष, शारीरिक दोष या अन्य किसी कारण से रुकी हुई है, उनके लिए यह मंदिर वरदान साबित होता है. मान्यता है कि यहां विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान भोलेनाथ शादी में आ रही रुकावटों को दूर करते हैं.

पति-पत्नी के झगड़ों का अंत
लग्नेश्वर महादेव की महिमा केवल शादी तक सीमित नहीं है. यह मंदिर उन दंपतियों के लिए भी खास है, जिनके बीच अनबन और क्लेश चल रहा हो. यहां दर्शन और पूजा-अर्चना करने से पति-पत्नी के बीच का विवाद समाप्त हो जाता है और उनका दांपत्य जीवन खुशहाल हो जाता है. मंदिर के पुजारी कई ऐसे उदाहरण साझा करते हैं, जहां भक्तों ने इस चमत्कार को प्रत्यक्ष अनुभव किया.

सावन में विशेष पूजा का महत्व
सावन का महीना लग्नेश्वर महादेव के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दौरान भक्तों की भीड़ मंदिर में उमड़ती है. मान्यता है कि सावन में विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और शादी की बाधाओं को दूर करने के साथ ही दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने का आशीर्वाद देते हैं.

यहां है अनोखी पूजा विधि
लग्नेश्वर महादेव मंदिर में पूजा की अपनी विशेष विधि है. भक्तों को सवा महीने तक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा करनी होती है. इस दौरान लहसुन, प्याज जैसी कुछ खाद्य सामग्रियों का सेवन वर्जित होता है. पूजा में उपयोग होने वाले जल को शरीर पर छिड़कने की परंपरा है. पुजारी द्वारा दिया गया एक बंधा हुआ कपड़ा भी भक्तों को प्रदान किया जाता है, जिसमें पूजन सामग्री रखी जाती है और उसे खोलने की मनाही होती है.

हल्दी और सिंदूर की मन्नत
मंदिर में शिवलिंग की पूजा का तरीका भी अनोखा है. युवतियां यहां सिंदूर और हल्दी का उबटन चढ़ाकर मन्नत मांगती हैं, जबकि युवक रोड़ी और हल्दी का उबटन लगाकर भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं. पूजा के बाद हल्दी का उबटन भक्त अपने गालों पर लगाते हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि इससे शादी की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं और लग्न तय हो जाता है.

अंतहीन शिवलिंग का रहस्य
लग्नेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग अपने आप में एक रहस्य है. पुजारियों के अनुसार, इस शिवलिंग की लंबाई का पता आज तक नहीं चल सका. कई बार खुदाई के प्रयास किए गए, लेकिन 20 फीट तक खोदने के बाद भी शिवलिंग का अंत नहीं मिला. इसे स्वयंभू शिवलिंग माना जाता है.
400 साल पुराना है मंदिर
मंदिर के पुजारी रंजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, लग्नेश्वर महादेव मंदिर 400 साल से भी अधिक पुराना है. यह शिवलिंग कब से स्थापित है, इसका कोई स्पष्ट इतिहास नहीं है. पुजारी की पांचवीं-छठी पीढ़ी आज भी यहां पूजा-अर्चना कर रही है. मंदिर की महिमा बिहार ही नहीं, बल्कि दिल्ली, बेंगलुरु और दक्षिण भारत तक फैली हुई है.





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