मुजफ्फरपुर के भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में वार्षिक कार्यशाला की गई। जिसमें पहले दिन के प्रथम सत्र में कार्यशाला की शुरुआत पूजा और वंदना के साथ किया गया।

महाविद्यालय वार्षिक कार्यशाला 2025 की थीम है राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शैक्षिक तकनीकी की प्रासंगिकता और यह कार्यशाला 25 से 27 जून तक तीन दिवसीय कार्यशाला है । इस कार्यशाला में आए हुए सभी आगन्तुकों का परिचय डी एल एड के विभागाध्यक्ष डॉ सतीश चंद्र जी ने किया। उसके बाद बीएड के प्राध्यापिका डॉ अनामिका रानी ने सभी आगंतुकों का स्वागत श्रीफल और अंगवस्त्र दे कर किया।

इस कार्यशाला में लोक शिक्षा समिति और महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष प्रो सत्यनारायण गुप्ता जी, सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य श्री विकास कुमार मिश्रा जी, पूर्व लोक शिक्षा समिति सदस्या एवं सकरा के भाजपा उपाध्यक्ष श्रीमती अंजना कुशवाहा और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राकेश कुमार पाल उपस्थित थे। साथ मे विद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कार्यकर्ता बंधु इस कार्यशाला में उपस्थित थे।

जिसमें सबसे पहले महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राकेश कुमार पाल जी ने इस वार्षिक कार्यशाला की प्रस्तावना को सभी के समक्ष रखा, उसके बाद प्रो सत्यनारायण गुप्ता जी ने इस कार्यशाला में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन की बात को बहुत अच्छे ढंग से रखा और कहा आप सभी लोग अपनी योजना इस तरह से रखें कि हम अपने देश के उन्नति में एक बीज बो रहे हैं वह एक दिन वट वृक्ष बनकर देश को उन्नति के शिखर पर ले जाने वाला हो।

सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य विकास कुमार मिश्रा जी ने ऐसी योजना बनाने पर बल दिया कि वह शैक्षिक वातावरण को प्रकाश मान करने वाला हो । पूर्व सदस्य लोक शिक्षा समिति अंजना कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा एक सामाजिक परिवर्तन करने वाला हो और आपकी योजना उसको सफल बनाने के लिए तैयार हो ऐसी आशा हम सभी लोग करते हैं।


मुजफ्फरपुर विभाग निरीक्षक ललित कुमार राय जी ने कार्यशाला की योजना पर प्रकाश डाला और उन्होंने कहा कि हम सबों को ऐसी योजना बनानी चाहिए जो हमारे पाठ्यक्रम पर आधारित हो, जिसमें विद्यार्थियों को खूब सारा अवसर मिले।



उन्होंने रेल और पटरी का उदाहरण देकर कहा जिस तरह से पटरी तैयार की जाती है रेलगाड़ी भी इस दिशा में चलता रहता है यह एक सटीक उदाहरण है । ऐसी योजना हम सभी लोगों को बनानी चाहिए जो महाविद्यालय, विद्यालय में शैक्षिक वातावरण को सुदृढ और सही दिशा में चलने के लिए प्रेरित करने वाला वाला हो।

उन्होंने क्रिया शोध पर समय लगाने के लिए ध्यान आकृष्ट करवाया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अभिभावक सम्मेलन एक बहुत बड़ा हथियार के रूप में उपयोग किया गया है जिसको हम सभी लोगों के लिए अपने प्रांत अपने महाविद्यालय को अपने देश को एक करने के लिए यह सम्मेलन सहायक होने वाला है।

इस पर भी हम सबों को विचार करना चाहिए । प्रथम दिन के इस कार्यशाला के दूसरे सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य विभाग सह सभी अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन करवाया।

उसके बाद तीसरे सत्र में पिछले वर्ष की योजना की समीक्षा की गई , चौथे सत्र में आचार्य भारती एवं प्रयोगशाला प्रभारी का गठन भी किया गया।

सबसे अंत मे संघ प्रार्थना के साथ प्रथम दिन के सभी सत्रों को विराम दिया गया । इस कार्यशाला के कार्यक्रम का मंच संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ सौरभ कुमार ने किया ।




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