MUZAFFARPUR

बिहार विधान परिषद का डाटा डिलीट, EOU ने संभाला जांच का जिम्मा, इन लोगों पर FIR

पटना: बिहार विधान परिषद में बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया है. विधान परिषद के नीति विषयक शाखा का डाटा डिलीट हुआ है. विधान परिषद प्रशासन को जब इस बाबत सूचना मिली तो आर्थिक अपराध इकाई को लिखित शिकायत दी गई. जिसके बाद पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू हो गई है.

ईओयू ने दर्ज किया मामला

जानकारी के मुताबिक बिहार विधान परिषद के कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर नियुक्ति से जुड़े मामलों का डाटा डिलीट किया गया है.

वहीं मामले की जानकारी मिलते ही विधान परिषद प्रशासन हरकत में आया और आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी को सूचना दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

क्यों डिलीट किया डाटा?

बिहार विधान परिषद के कुछ गोपनीय दस्तावेज या तो गायब कर दिए गए हैं या फिर दस्तावेज को लीक कर दिया गया है. विधान परिषद के विस्तारित भवन के नीति विषयक शाखा के कंप्यूटर में छेड़छाड़ और डाटा डिलीट की बात सामने आई है. हालांकि किस मकसद से डाटा डिलीट किया गया है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.

इन लोगों पर केस दर्ज

बिहार विधान परिषद के उप सचिव संजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें डाटा डिलीट को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है. संजय कुमार के लिखित बयान के बाद नीति विषयक शाखा के अवर सचिव, एक प्रशाखा पदाधिकारी, चार सहायक पदाधिकारी, एक उच्च वर्गीय लिपिक और एक रिपोर्टर के अलावा एक कार्यालय परिचारी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है.

सीसीटीवी के आधार पर छानबीन जारी

आर्थिक अपराध इकाई की एफएसएल टीम ने भी जांच शुरू कर दी है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक 9 नामजद के अलावा घेरे में और भी कई स्टाफ आ सकते हैं. सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है.

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