MUZAFFARPUR

प्रशांत किशोर को झटका, जन सुराज का टूटा एक और ‘तारा’, आनंद मिश्रा बोले- ‘मेरे खून का रंग है गेरुआ’

पटना : ”मैंने नौकरी भी भाजपा की वजह से छोड़ी थी. मैं बचपन से बाल स्वयंसेवक हूं. मेरे डीएनए में भाजपा है. मैं तो यह भी कहना चाहूंगा कि मेरे खून का रंग भी गेरुआ है.”

यह कहना है पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा का. यह कहना अपने आप में राजनीति में बहुत कुछ कह जाता है.

आनंद मिश्रा का जन सुराज से मोह भंग 

मतलब साफ है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को एक और झटका लगा है. मोनाजिर हसन के और देवेंद्र प्रसाद यादव जैसे कद्दावर नेता के बाद आनंद मिश्रा का भी जन सुराज से मोह भंग हो गया है.

जन सुराज पार्टी के संस्थापक सदस्य और पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में अपना अलग रुख स्पष्ट कर दिया.

कहा जा रहा है कि आनंद मिश्रा अब चौंका देने वाला फैसला लेने की तैयारी में हैं. आनंद मिश्रा अपने राजनीतिक कैरियर को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं.

आनंद मिश्रा ने पार्टी के तमाम पदों से दिया इस्तीफा : आनंद मिश्रा ने कोर कमेटी और युवा के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है.

आनंद मिश्रा ने कहा कि मैं जब शुरुआती दौर में प्रशांत किशोर के साथ जुड़ा था तब वह पार्टी नहीं थी. मैं अभियान का हिस्सा था. प्रशांत किशोर बिहार के बेहतर तरीके के लिए सोच रहे थे. इस वजह से मैं उनके साथ काम कर रहा था.

पदाधिकारी को अग्रणी पंक्ति में नहीं मिलती है कुर्सी’ : पूर्व आईपीएस ने कहा कि प्रशांत किशोर का मैं सम्मान करता हूं और वह मेरे बड़े भाई की तरह हैं.

प्रशांत किशोर बिहार के हित की बात कर रहे हैं और उनकी वजह से राजनीतिक दलों ने बिहार के अंदर अपने एजेंडा में बदलाव भी किया.

 

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.