मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले ढाई दशक में बिहार के विकास का नया इतिहास लिखा है जिससे पूरे देश में बिहार आधुनिक सुविधाओं, समृधि, शिक्षा और संपन्नता की नई मिसाल पेश करने वाला राज्य बना है.

जदयू के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार उर्फ़ छोटू सिंह ने बुधवार को कही. उन्होंने पटना जंक्शन के पास शुरू हुए मल्टी मॉडल हब और सब-वे को नागरिक सुविधाओं का उत्कृष्ट मानक बताते हुए कहा कि यह सीएम नीतीश की दूरदर्शिता का प्रतीक है. इन्हीं विकास कार्यों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का विकास पुरुष साबित किया है. आज नीतीश कुमार पूरे बिहार के लिए भरोसे के प्रतीक हैं.

सुशासन’ पर आधारित विकास
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में कानून का राज स्थापित करने और न्याय के साथ विकास के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। समाज के सभी वर्गो को साथ लेकर उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता एवं समावेशी विकास के सिद्धांतो पर शासन की नीव रखी।

सीएम नीतीश के नेतृत्व में इमानदारी एवं लगन से ‘सुशासन’ पर आधारित नीतियों, कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन किया। उपलब्धियों, संभावनाओं एवं चुनौतियों से परिपूर्ण इस यात्रा में नीतीश कुमार को राज्य की जनता का भरपूर सहयोग एवं समर्थन मिल रहा है।

विकसित राज्य बनने की ओर बिहार
उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में बिहार देश का अग्रणी विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर है। एनडीए सरकार योजनाबद्ध तरीके से बिहार का भरपूर विकास किया। उनके अथक मेहनत से पिछले 20 वर्षों में बिहार का कुल बजट 13 गुना बढ़ा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की खासियतों, विरासतों को संजीदगी के साथ पूरी मजबूती से विश्व पटल पर उजागर किया। पटना में आज जेपी सेतु, गंगा पथ मरीन ड्राइव, मल्टी मॉडल हब, सबवे, डबल डेकर रोड आदि ढांचागत निर्माण की ऐसी परियोजनायें हैं जो पटना को आधुनिकतम शहरों की श्रेणी में लाता है. सीएम नीतीश का अभियांत्रिकी कौशल इन योजनाओं के पीछे है.

पुनर्निर्माण के नायक बने नीतीश
छोटू सिंह ने कहा कि पिछले ढाई दशकों में कई सार्वजनिक संस्थाओं एवं व्यवस्थाओं का पुनर्निर्माण किया गया।

इस सफ़र में जहाँ एक ओर प्रभावी विधि व्यवस्था, कानून का राज स्थापित करने में सफलता मिली, वहीं दूसरी ओर मानव संसाधन के साथ-साथ उत्तम आधारभूत संरचना के विकास में नीतीश कुमार ने कई नई ऊचाइयाँ हासिल की है।

लोगों के मन में सुरक्षा एवं निश्चय का माहौल बना, जिसका प्रभाव शहर तथा गांवों में आर्थिक तथा सामाजिक गतिविधियों में देखा जा सकता है। समाज के कमजोर, साधनहीनता एवं विकास से वंचित वर्गो को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने बिहार के विकास की एक नई दिशा की कल्पना की ।

शिक्षा के साथ ही विरासत के संरक्षण और खेल गतिविधियों को नया रूप सीएम नीतीश की दूरदर्शी सोच से मिली.



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