MUZAFFARPUR

बिहार में अबतक 36 हज़ार से अधिक जगहों पर महिला संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

महिला संवाद कार्यक्रम के 32वें दिन आज राज्य भर के सभी 534 प्रखंडों में उत्साहपूर्ण तरीके से इसका आयोजन किया गया। अबतक 36 हजार 700 से अधिक स्थलों पर इस कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक प्रति दिन दो पालियों में किया किया गया है।

इस कार्यक्रम में अबतक कुल 7 लाख से अधिक आकांक्षाएँ महिलाओं ने दर्ज करवाए हैं। इसमें भाग लेने हेतु महिलाओं की उमड़ती भीड़ इस बात की परिचायक है कि यह कार्यक्रम अपने उद्देश्य की पूर्ति में सफल हो रहा है।

गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खुले एवं सार्थक रूप से संवाद स्थापित करते हुए महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं/ कार्यों के विषय में महिलाओं को जानकारी प्रदान करना और उनको अपने गाँव या टोलों की समस्याओं और आकांक्षाओं को चिन्हित कर उसकी प्राथमिकता निर्धारण करने हेतु अवसर प्रदान करना है। महिलाएं इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रही हैं तथा स्वयं से तथा अपने क्षेत्रों से संबंधित अपेक्षाएँ और आकांक्षाएं सबके समझ रख रही हैं।

बिहार के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित हो रहा महिला संवाद कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नए अध्याय का सूत्रधार बन रहा है। राज्य सरकार की परिकल्पना रही है कि समाज की आधी आबादी के विकास के बिना राज्य का विकास संभव नहीं है। महिला कल्याण हेतु राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाओं यथा मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री बालिका साईकिल योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, सतत् जीविकोपार्जन योजना, लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाईन आदि का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में डिजिटल-स्क्रीन युक्त जागरूकता वाहन के माध्यम से महिला सशक्तीकरण हेतु संचालित उन योजनाओं की जानकारी वीडियो फिल्म में दिखाया जा रहा है। इस दौरान सरकार की इन योजनाओं से जो महिलाएँ/ युवतियां लाभान्वित हुई हैं वे अपने अनुभवों को संवाद कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के समक्ष बता भी रही हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सड़क निर्माण और आवास योजना में राशि वृद्धि जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

इस दौरान महिलाओं ने दहेज प्रथा और शराबबंदी जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद की है। महिला संवाद के दौरान महिलाओं से प्राप्त समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर शीघ्रता से किया जा रहा है, जबकि नीतिगत विषय वाली आकांक्षाओं को राज्य स्तर पर प्रेषित किया जा रहा है।

महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान महिलाएं अपनी मूलभूत समस्याओं को सामने रख रही हैं। उनके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार आज सबसे बड़ा मुद्दा है। हालांकि वे नीतिगत विषयों पर भी खुलकर बात कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि 18 अप्रैल, 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर कमलों द्वारा पटना से बटन दबाकर ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया था।

राज्य सरकार मुख्यमंत्री के दिशा-निदेश में न्याय के साथ विकास के अपने सिद्धांत के संकल्प के साथ नित्य-निरंतर जन-कल्याण के कार्य कर रही है। इसका आयोजन 70,000 से अधिक स्थानों पर राज्य भर में होने वाला है जिसमें 2 करोड़ से अधिक महिलाएं भाग लेंगी।

 

 

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