MUZAFFARPUR

पटना में एक्साइज दारोगा भर्ती परीक्षा में के दौरान दो मुन्ना भाई अरेस्ट

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित मद्य निषेध विभाग के अवर निरीक्षक (दारोगा) पद की लिखित परीक्षा रविवार को राज्यभर में आयोजित की गई। हालांकि, परीक्षा में एक बार फिर माफिया नेटवर्क ने सेंध लगा दी। पटना से दो ‘मुन्ना भाई’ गिरफ्तार किए गए हैं, जो नकल और फर्जी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा में शामिल हुए थे।

दरअसल, शास्त्री नगर और कंकड़बाग थानों की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। इन छात्रों पर दूसरे की जगह परीक्षा देने और मोबाइल के जरिए नकल करने का आरोप है। शास्त्री नगर स्थित केबी सहाय हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक वीक्षक ने एक परीक्षार्थी को नकल करते हुए देखा।

तलाशी के दौरान उसके पास से स्मार्टफोन बरामद किया गया, जिससे वह प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तार छात्र की पहचान नीतीश कुमार, गया निवासी के रूप में हुई है। शास्त्री नगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

दूसरी घटना राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिरैयाटांड़ परीक्षा केंद्र की है। यहां वीक्षक को शंका हुई कि अभ्यर्थी की जगह कोई और परीक्षा दे रहा है।

जांच में पाया गया कि आशीष गौरव के नाम से जो व्यक्ति परीक्षा में बैठा था, वह वास्तव में सुजीत कुमार, टेकारी (गया) निवासी था। उसे कदाचार के आरोप में कंकड़बाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

दूसरी घटना राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिरैयाटांड़ परीक्षा केंद्र की है। यहां वीक्षक को शंका हुई कि अभ्यर्थी की जगह कोई और परीक्षा दे रहा है। जांच में पाया गया कि आशीष गौरव के नाम से जो व्यक्ति परीक्षा में बैठा था, वह वास्तव में सुजीत कुमार, टेकारी (गया) निवासी था। उसे कदाचार के आरोप में कंकड़बाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इन दोनों आरोपितों का नीट घोटाले के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया या उसके नेटवर्क से कोई संबंध तो नहीं है। गौरतलब है कि संजीव मुखिया बिहार के कई हाई-प्रोफाइल परीक्षा घोटालों में शामिल रहा है और उसके गिरोह की पहुंच विभिन्न भर्ती परीक्षाओं तक बताई जाती रही है।

शास्त्री नगर और कंकड़बाग थानों में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बिहार पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों के आधार पर एक बड़े फर्जीवाड़ा रैकेट का भंडाफोड़ किया जा सकता है।

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