नवादा: बिहार के नवादा के रहने वाले मनीष कुमार (27 वर्ष) ऑपरेशन रक्षक के दौरान कारगिल में शहीद हो गए, जिसके बाद शनिवार को सुबह उनका पार्थिव शरीर पटना से नवादा पुलिस लाइन और फिर उनके गांव पांडेय गंगौट लाया गया.

इस दौरान शहीद मनीष कुमार को श्रद्धांजलि देने और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या लोग नजर आए. दोपहर करीब 01 बजे राजकीय सम्मान के साथ मनीष कुमार का अंतिम संस्कार किया गया.

14 मई को हुए थे शहीद
कारगिल में ऑपरेशन रक्षक के दौरान 14 मई को शहीद हुए मनीष की अंतिम यात्रा में लोगों के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था और उनके होंठों पर ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंज रहे थे.

स्थानीय लोगों ने कई किलोमीटर तक पैदल चलकर उनकी अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया, पुष्पवर्षा और देशभक्ति नारों के साथ शहीद को विदाई दी.

शुक्रवार को पटना में दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले शुक्रवार को मनीष कुमार का पार्थिव शरीर पटना लाया गया था जहां डिप्टी CM विजय सिन्हा ,नवादा के सांसद विवेक ठाकुर, गोविंदपुर-नवादा विधायक मोहम्मद कामरान समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी थी.

06 मार्च को हुई थी मनीष की शादी
मनीष कुमार कारगिल में ऑपरेशन रक्षक में बतौर नर्सिंग स्टाफ तैनात थे. इसी साल 6 मार्च को मनीष की शादी धूमधाम से हुई थी, जिसके कुछ दिन बाद उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की थी.

15 मई को मनीष के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार समेत पूरे इलाके में मातम पसर गया है. मनीष की पत्नी खुशबू पर दुखों का पड़ा टूट पड़ा है और इस घटना से सदमे हैं.

सेना में कार्यरत हैं दो और भाई
आपको बता दें कि मनीष चार भाइयों में सबसे छोटे थे. उनके दो भाई भी भारतीय सेना में हैं. एक उत्तराखंड में तो दूसरा गयाजी जिले में तैनात हैं. बेटे के शहीद होने पर पिता अशोक राम को सबसे पहले जानकारी दी गयी थी.

अंतिम संस्कार में शामिल हुए कई दिग्गज : राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए नवादा विधायक विभा देवी, एमएलसी अशोक यादव, सहित कई गणमान्य लोग पांडेय गंगौट गांव में मौजूद थे.




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