MUZAFFARPUR

जमीन के दाखिल खारिज में सुस्ती पड़ेगी भारी,हर रोज लगेगा 250 रुपये जुर्माना

भूमि दाखिल-खारिज से संबंधित कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि म्यूटेशन प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी नहीं होती है, तो संबंधित कर्मचारी या अधिकारी पर हर दिन ₹250 का जुर्माना लगाया जाएगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार के कार्यों में शिथिलता बरतने वाले सीओ और अंचल कर्मियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने दाखिल खारिज और परिमार्जन से संबंधित मामले में लापरवाही बरतने पर मीनापुर के सीओ और अंचल पर 250 रुपये प्रति आवेदन के हिसाब से जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन को लैंड म्यूटेशन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि आम जनता को महीनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं। भूमि के स्वामित्व में नाम चढ़ाने की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी और जटिल होती जा रही थी।

जिलाधिकारी ने कहा कि काम करिए, नहीं तो जुर्माना भरिए के सिद्धांत के आधार पर दंड अधिरोपण की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। कांटी और मुशहरी के खराब प्रदर्शन के आधार पर अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया है।

मीनापुर के अंचलाधिकारी को जिलाधिकारी ने कड़ी हिदायत देते हुए प्रखंड मुख्यालय में ही बने रहने तथा जवाबदेही से जनता के कार्यों को संवेदनशील होकर निष्पादन करने का निर्देश दिया है।

लैंड म्यूटेशन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें किसी संपत्ति के मालिकाना हक में बदलाव को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। म्यूटेशन न होने पर जमीन के मालिकाना हक को लेकर कानूनी अड़चनें आ सकती हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता।

डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि म्यूटेशन संबंधित आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निपटारा अनिवार्य है।यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी इसमें देरी करता है, तो प्रत्येक दिन ₹250 का दंड लगाया जाएगा।म्यूटेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया जाएगा।आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी।

 

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