MUZAFFARPUR

पूजा करने मंदिर- मस्जिद नहीं जाता..’ ‘पाखंडियों के बाप’ वाले बयान पर चंद्रशेखर को जीतन राम मांझी का जवाब

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरजेडी के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर को उनके विवादित बयान पर नसीहत दी है. आरजेडी नेता चंद्रशेखर ने बीते सोमवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर एक कार्यक्रम के दौरान हमला बोला था. जिसमें उन्होंने जीतन राम मांझी की फीटो को मंच से दिखाते हुए उन्हें ‘पाखंडियों का बाप’ तक कह दिया था. इस बयान पर अब मांझी ने प्रतिक्रिया दी है.

मांझी की आरजेडी नेता चंद्रशेखर को नसीहत: उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर विद्वान जरूर हैं लेकिन उन्होंने जो मांझी के बारे में कहा, उसे वह या तो सुधार लें या उसे स्पष्ट करें. मांझी ने आगे कहा कि वो मंदिर-मस्जिद में पूजा करने नहीं, बल्कि भावनाओं का सम्मान करने जाते हैं. किसी की भावना का आदर करना रूढ़िवादिता नहीं है.

तेजस्वी यादव पर मांझी का निशाना: केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा है. उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में सीएम पद की कोई वैकेंसी नहीं है.

तेजस्वी यादव इंडिया गठबंधन के कन्वेनर हो सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के दावेदार नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार बिहार का विकास का कार्य हो रहा है. वहीं उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए 225 सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

वक्फ बिल पर बोले मांझी: गौरतलब हो कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी गया जिले के खरखुरा मोहल्ला में डॉ. भीमराव अंबेडकर सप्ताह के मौके पर आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान जीतन राम मांझी ने वक्फ बिल और कॉमन स्कूलिंग सिस्टम पर भी निशाना साधा है.

उन्होंने स्पस्ट तौर पर कहा कि वक्फ बिल के उस प्रावधान पर आपत्ति है, जिसमें गैर मुस्लिमों के प्रवेश की बात है. जब हिंदू मठों में गैर हिंदू नहीं हो सकते, तो फिर मुस्लिम संस्थानों में गैर मुस्लिम क्यों?

कॉमन स्कूलिंग सिस्टम पर मांझी का सवाल: जीतन राम मांझी ने कॉमन स्कूलिंग सिस्टम पर भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि ना तो पिछली सरकारों में हिम्मत थी और न ही मौजूदा सरकार में है. आखिर किससे डर कर कॉमन स्कूल लागू नहीं किया जा रहा? सरकार की नीयत में ही खोट है.

इसीलिए समान शिक्षा का सपना अब तक अधूरा है. पूरे देश में एक समान शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.