मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक सनकी पति ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी. जल्लाद बना पति अपनी पत्नी को डंडे से तबतक मारता रहा, जबतक उसकी मौत नहीं हो गई. पत्नी की मौत के बाद भी वह रुका नहीं और लाठी बरसाता रहा. इस दौरान महिला के दो बच्चे अपनी आंखों से सबकुछ देख रहे थे. डर से कांपते बच्चे रोने के सिवा और कुछ ना कर सके.

पति बना हैवान
वहीं इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया .अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है. पूरा मामला जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र इलाके के झींगहा गांव बताया जा रहा है. घटना का वीडियो ग्रामीण ने अपने छत से बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

भाई की मौत के बाद भाभी से की थी शादी: घटना को लेकर बताया जा रहा है कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के झींगहा गांव के निवासी मोहम्मद कलीमुल्लाह आलम के बड़े भाई की 2015 में मौत हो गई थी. उसके बाद मो कलीमुल्लाह ने अपनी भाभी मेहरुन्निसा से शादी कर ली, लेकिन शादी के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी.

पत्नी पर बरसाता रहा लाठी
इस दौरान कई बार कलीमुल्लाह आलम अपनी पत्नी के साथ में मारपीट भी करता था, जिसका लगातार ग्रामीण विरोध भी करते थे. लेकिन शुक्रवार फिर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. जिसके बाद आरोपी पति कलीमुल्लाह डंडा से मेहरुन्निसा की पिटाई करने लगा.

मरने के बाद भी चलाता रहा लाठी
इस दौरान मेहरुन्निसा बचने के लिए इधर- उधर भागती रही, लेकिन मो कलीमुल्लाह लगातार उसकी पिटाई करता रहा और जिसके बाद भागती हुई अपने घर के आंगन में पहुंची. बार-बार डंडे से हमला होने के चलते महिला बेसुध जमीन पर गिर पड़ी. कलीमुल्लाह डंडा से उसे पीटता रहा. वह पत्नी को उसकी मौत के बाद भी मारता रहा.

पड़ोसी बनाता रहा घटना का वीडियो
इस दौरान मौके पर मासूम बच्चे रोते बिलखते रहे. यही नहीं घटना के दौरान पड़ोसी मूकदर्शक बना रहा और मोबाइल से घटना का वीडियो बनाता रहा. वहीं इस घटना को अंजाम देने के बाद कलीमुल्लाह मौके से फरार हो गया. घटना के बाद ग्रामीणों के द्वारा इस मामले की जानकारी मोतीपुर थाना पुलिस को दी गयी, जिसके बाद पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है.

मूकदर्शन बने रहे लोग समाज
मोहम्मद कलीमुल्लाह आलम पत्नी को बुरी तरह से पीटता रहा, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की. बीच-बचाव और जान बचाने की बजाय लोग मारपीट का वीडियो बनाने में व्यस्त थे. अगर किसी ने हिम्मत की होती तो शायद इन बच्चों की मां आज जिंदा होती, लेकिन सामाजिक संवेदनहीनता के कारण इन मासूमों की मां को बचाया नहीं जा सका. ऐसे में इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या सिर्फ घटना के खिलाफ रोष और नाराजगी प्रकट करना ही काफी है. समाज के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है.



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