MUZAFFARPUR

साहित्य, संगीत और संस्कृति का समागम

मगध क्षेत्र से जुड़े मगही भाषा, साहित्य, संस्कृति, इतिहास और लोक कला को समर्पित मगही महोत्सव का आयोजन पटना के बापू टावर में 5 अप्रैल को होगा। मगध सम्राट अशोक की जयंती के अवसर आयोजित मगही महोत्सव सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर शाम 7:00 बजे तक चलेगा।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इसका उद्घाटन करेंगे। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मगही भाषा और मगध क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है।

महोत्सव के संयोजक रविशंकर उपाध्याय ने बताया कि यह महोत्सव मगही भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ मगध क्षेत्र के इतिहास, पुरातत्व, उद्यमिता, और सिनेमा जैसे विविध पहलुओं को एक मंच पर लाने का प्रयास है। यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कलाकारों और विद्वानों को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि मगध की विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद करेगा।

भाषा, इतिहास और उद्यमिता पर चर्चा 

मगही भाषा के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर विमर्श से महोत्सव की शुरूआत होगी. गया घराना के प्रसिद्ध ख्याल और ठुमरी गायक राजन सिजुआर अपनी प्रस्तुति से समां बांधेंगे। “मगही भाषा: कल, आज आऊ कल” सत्र में प्रो. शिवनारायण, डॉ. अतीश पराशर, धनंजय श्रोत्रीय, और इश्तेयाक अहमद मगही भाषा के विकास और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

संचालन निराला बिदेसिया करेंगे। दूसरा सत्र “मगध के इतिहास, पुरातत्व व विरासत” पर होगा। इसमें प्रो. आनंद वर्धन (प्रसिद्ध इतिहासकार, नई दिल्ली), सुजीत नयन (अधीक्षण पुरातत्वविद्, ASI, पटना सर्किल), और कुमार निर्मलेन्दु (इतिहास अध्येता/लेखक, मगधनामा) मगध की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर पर प्रकाश डालेंगे।

संचालन रविशंकर उपाध्याय करेंगे। “मगध में उद्यमिता” स्तर में डॉ. सत्यजीत सिंह (निदेशक, रूबन हॉस्पीटल), डॉ. रवि आर. कुमार (संस्थापक, द कुबेरा), राहुल कुमार (निदेशक, अंशुल होम्स), और डॉ. नीरज अग्रवाल (निदेशक, सिमेज कॉलेज) उद्यमिता के क्षेत्र में मगध के योगदान पर विचार-विमर्श करेंगे। संचालन उज्ज्वल कुमार करेंगे।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.