पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार के आबकारी विभाग द्वारा जब्त ट्रक की नीलामी में गड़बड़ी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।जस्टिस पी बी बैजनथरी की खंडपीठ ने शरद नवनाथ गांगे की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 21 लाख रुपये आठ हफ्तों के भीतर हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया है।

साथ ही, प्रधान सचिव, निबंधन एवं मद्य निषेध विभाग को निर्देश दिया गया है कि इस मामले में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर विभागीय जांच शुरू की जाए।कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

कोर्ट ने पाया कि ट्रक मालिक को जब्ती और नीलामी की व्यक्तिगत सूचना नहीं दी गई थी, बल्कि केवल स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया गया।

जबकि ट्रक का मालिक मुंबई निवासी था।यह मामला महाराष्ट्र के शरद नवनाथ गांगे की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी ट्रक की अवैध नीलामी को चुनौती दी थी।

कोर्ट ने पाया कि 21 लाख रुपये मूल्य का ट्रक मात्र 2 लाख में नीलाम कर दिया गया।कोर्ट ने इसे प्रशासनिक अधिकार का दुरपयोग बताया।इस तरह से आम नागरिकों के साथ हो रही घटनाओं को कोर्ट ने बहुत गंभीरता से लिया।




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