पटना. शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी (Mevalal Chaudhary) पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का मुद्दा लगातार बिहार की सियासत को गर्म है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सीएम नीतीश कुमार पर (CM Nitish Kumar) लगातार हमले के बीच जेडीयू की ओर से भी जवाब आ रहा है. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी की ओर से अब तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं आया है. इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के एक ट्वीट ने फिर से इस मुद्दे को हवा दे दी है. लालू यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि जो भाजपाई जिस भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मेवालाल को खोज रहे थे, वे आज मेवा मिलने के बाद से मौन हैं.
लालू प्रसाद यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, तेजस्वी जहां पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियां देने को प्रतिबद्ध था, वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दिया. विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे, आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं.
लालू प्रसाद यादव ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस बयान को भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजभवन के निर्देश पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति महफूज आलम कमेटी की जांच के बाद मेवालाल चौधरी पर सहायक प्राध्यापक, जूनियर इंजीनियर एवं वैज्ञानिकों की बहाली में धांधली का आरोप प्रमाणित हो गया है. उन्होंने तब कहा था कि आरोपित तत्कालीन कुलपति व वर्तमान विधायक चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हो गई है. मुख्यमंत्री अविलंब आरोपित विधायक को पार्टी से निष्कासित करें.
बता दें कि बिहार सरकार के खिलाफ चुनावों में धांधली और मंत्रिपरिषद में भ्रष्टाचारियों को शामिल करने का आरोप लगाते हुए तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. उन्होंने कहा बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में भगोड़े आरोपी को शिक्षा मंत्री बना दिया. अल्पसंख्यक समुदायों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया. सत्ता संरक्षित अपराधियों की मौज है. रिकॉर्ड तोड़ अपराध की बहार है. कुर्सी के ख़ातिर Crime, Corruption और Communalism पर मुख्यमंत्री जी प्रवचन जारी रखेंगे.
इस पर एनडीए के घटक दल हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने तेजस्वी पर करारा प्रहार किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पहली बार देख रहा हूं जब भ्रष्टाचार के सजायाफ्ता का पुत्र (जिसपर खुद भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के कई मामले चल रहे हैं) वह किसी और के ख़िलाफ भ्रष्टाचार की मुहिम चला रहा है.’
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहते हैं कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं. भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में उनकी संलिप्तता नहीं है. मामला न्यायालय में है और न्यायालय का फैसला सर्वमान्य होगा. कुछ लोग बेवजह मुझ पर आरोप लगा रहे हैं. अभी तक किसी भी मामले में मुझ पर कोई करवाई नहीं हुई है.




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