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नए CM की रेस में एक फोटो से खलबली; सम्राट चौधरी कर रहे प्रणाम, कंधे पर नीतीश का हाथ!

बिहार : अगले महीने नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी का इंतजार कर रहे बिहार और नीतीश कुमार के सीएम पद की कुर्सी से उठते ही गद्दी पर बैठने को लालायित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं के बीच एक तस्वीर ने खलबली मचा दी है। मधेपुरा से आए इस भाव-भंगिमा से परिपूर्ण फोटो में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और मौजूदा सीएम नीतीश का हाथ अपने उप-मुख्यमंत्री और भाजपा में बहुत तेजी से आगे बढ़े सम्राट चौधरी के कंधों पर है। सम्राट चौधरी हाथ जोड़े जनता का अभिवादन कर रहे हैं और मंच पर मौजूद बाकी सारे लोग हाथ हिलाकर लोगों से विदा ले रहे हैं। सम्राट के समर्थक और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर कहा था कि अगली सरकार भी उनकी ही मर्जी से चलेगी।

भाजपा में मुख्यमंत्री और दूसरे पदों पर चयन के तौर-तरीके काफी अलग हैं और इस बात के कई उदाहरण हैं कि बीजेपी संसदीय बोर्ड से किसके नाम की पर्ची को लेकर पर्यवेक्षक जाते हैं, इस बात का अंदाजा मीडिया और नेता किसी को नहीं लगता। बड़े-बड़े नेता प्रस्तावक और समर्थक बन जाते हैं और जिनके नाम की चर्चा तक नहीं हो रही हो, उसे माला पहनाया जाता है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह आखिरी मिनट तक सस्पेंस बनाए रखते हैं। बिहार में नीतीश के बाद भाजपा के पास सीएम की कुर्सी आएगी, इसमें कोई उहापोह नहीं है। नीतीश के दिल्ली जाने के पीछे राजनीति भी यही है।

बिहार में पहली बार मुख्यमंत्री बनाने की दहलीज पर खड़ी बीजेपी राज्य में पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाने वाले सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय, संजय जायसवाल, संजीव चौरसिया, नीतीश मिश्रा जैसे चमकते चेहरों को मौका देगी या दिल्ली, मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तरह सीएम के नाम पर सरप्राइज करेगी, यह भविष्य के गर्भ में है। इस समय समृद्धि यात्रा में नीतीश कुमार के साथ सीमांचल के जिलों में घूम रहे सम्राट चौधरी सभाओं में कह भी रहे हैं कि नीतीश के नेतृत्व में एनडीए सरकार काम करती रहेगी।

16 मार्च को है राज्यसभा का चुनाव, नीतीश कुमार हैं कैंडिडेट

16 मार्च को बिहार से खाली हो रही 5 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने वाला है। चुनाव के मैदान में नीतीश कुमार समेत 6 कैंडिडेट हैं, इसलिए किसी का निर्विरोध निर्वाचन नहीं हो सका। मतदान से फैसला होगा, जिसमें नीतीश कुमार के अलावा बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, बीजेपी नेता शिवेश राम के साथ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह विधायकों के वोट से संसद के ऊपरी सदन जाएंगे।

5वीं सीट के लिए उपेंद्र कुशवाहा और एडी सिंह में मुकाबला होगा। 5वीं सीट से कौन दिल्ली जाएगा, ये इस समय पहेली है। जीत के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। इस समय साधारण गणित से उपेंद्र कुशवाहा के पास 3 वोट कम हैं, जबकि एडी सिंह के पास 6 वोट का अकाल दिख रहा है।

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