BIHARMUZAFFARPURSTATE

इश्क ने तोड़ी उम्र और मजहब की दीवार, 60 बरस के दिल ने 28 साल की धड़कन से रचाई शादी

मुजफ्फरपुर: बिहार में इन दिनों मोहब्बत की एक ऐसी कहानी चर्चा में है, जिसने पूरे गांव को हैरत और हलचल में डाल दिया है।मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल के 60 वर्षीय संचालक और उसी स्कूल की 28 वर्षीय शिक्षिका के विवाह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। उम्र का फासला करीब बत्तीस साल, मज़हब का फर्क, और समाज की कानाफूसी इन सबके दरमियान यह रिश्ता सुर्खियों में है।

कहा जा रहा है कि बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते दोनों के दरमियान मोहब्बत ने चुपके से दस्तक दी और रिश्ता गहराता चला गया। उम्र का लगभग बत्तीस साल का अंतर और अलग-अलग समुदाय से होने के बावजूद दोनों ने 18 फरवरी को घर-परिवार की सरहदों से निकलकर अपने रिश्ते को नाम देने का फैसला किया। वायरल वीडियो में शिक्षिका अपनी रज़ामंदी का इज़हार करते हुए कह रही हैं कि उन्होंने साल 2025 में अपनी मर्जी से शादी की है। उनकी आवाज़ में एत्मीनान झलकता है “मैं जहां भी हूं, खुश हूं। मुझे किसी तरह की परेशानी नहीं है।” साथ ही वह अपने पति के परिवार को तंग न करने की अपील भी करती नजर आती हैं। हालांकि वीडियो की पुष्टि मुजफ्फरपुर न्यूज़ नहीं करता है, लेकिन गांव की फिज़ा में इसने सनसनी फैला दी है।

स्कूल संचालक चार बच्चों के पिता बताए जाते हैं। दूसरी ओर, शिक्षिका के भाई ने औराई थाना में आवेदन देकर संचालक समेत सात लोगों पर 18 फरवरी को बहन को अगवा करने का इल्ज़ाम लगाया है। पुलिस से बहन की बरामदगी की गुहार लगाई गई है।

इस मोहब्बत की कहानी ने गांव को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक तबका इसे दो दिलों की आज़ाद पसंद का नाम दे रहा है, तो दूसरा इसे सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ बगावत बता रहा है। आरोपित के स्कूल और घर पर फिलहाल ताला लटका है, और दो समुदायों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। इधर, शाइस्ता के भाई ने औराई थाने में आवेदन देकर राकेश साह, उनकी पत्नी, बेटी और अन्य पर अपहरण व धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है। गांव में इस घटना के बाद दो गुटों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

बहरहाल इश्क़ की यह दास्तान सच्ची मुहब्बत है या हालात का इम्तिहान यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल, गांव की गलियों में बस एक ही चर्चा है दिल की अदालत में उम्र और सरहदें क्या मायने रखती हैं? वहीं इश्क़ की यह कहानी किसी के लिए दो दिलों की आज़ाद पसंद है, तो किसी के लिए सामाजिक बगावत। फिलहाल, मुजफ्फरपुर की फिज़ा में एक ही सवाल गूंज रहा है क्या मोहब्बत सचमुच हर दीवार ढहा देती है?

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.