बिहार : राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की हिफाज़त पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में सात मजदूरों की मौत हुई, जिनमें पांच बिहार के मोतिहारी के रहने वाले थे। हादसे की खबर मिलते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई और पूर्वी चंपारण में मातम का माहौल पसर गया।

मृतकों की शिनाख्त सूजंत सिंह (पिता शिव पासवान), मिंटू (पिता शिकंदर पासवान), अजित (पिता सुरेंद्र पासवान) और रवि (पिता राजदेव) के रूप में हुई है। प्रशासन के मुताबिक शव पूरी तरह जल चुके हैं, लिहाज़ा डीएनए टेस्ट के बाद ही पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपे जाएंगे। यह मंजर न सिर्फ इंसानी त्रासदी है, बल्कि श्रमिक सुरक्षा कानूनों और फैक्ट्री निगरानी व्यवस्था पर भी करारा तमाचा है।

घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। साथ ही नई दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त को राजस्थान सरकार से समन्वय कर पार्थिव शरीर बिहार लाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का हुक्म दिया गया है।





Leave a Reply