बिहार: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने बेहद महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। जिसके तहत देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस में भी ‘इमरजेंसी कोटा’ की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब तक इन ट्रेनों में केवल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटा ही लागू था। इमरजेंसी या आरएसी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिससे अंतिम समय में टिकट पाना लगभग असंभव हो जाता था।

मांग बढ़ने पर बदले नियम
यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग के बाद रेलवे बोर्ड ने नियमों में संशोधन किया है। नए प्रावधान के अनुसार इन ट्रेनों में कुछ बर्थ विशेष रूप से आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखी जाएंगी। अमृत भारत ट्रेनों में, जहां सात या उससे अधिक स्लीपर कोच हैं अब 24 बर्थ इमरजेंसी कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी। वहीं वंदे भारत स्लीपर में कार्यदिवस और सप्ताहांत के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। फर्स्ट एसी में वर्किंग डेज पर 4 और वीकेंड पर 6 बर्थ सुरक्षित रहेंगी। सेकंड एसी में सामान्य दिनों में 20 और वीकेंड पर 30 बर्थ आरक्षित होंगी। थर्ड एसी में वर्किंग डेज पर 24 और वीकेंड पर 42 बर्थ इमरजेंसी कोटे में रखी जाएंगी।

इन यात्रियों को मिलेगी राहत
रेलवे ने जोनल अधिकारियों को यह अधिकार भी दिया है कि वे मांग के अनुसार समय-समय पर कोटे की समीक्षा कर बदलाव कर सकें। इस फैसले से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें पारिवारिक बीमारी, आकस्मिक परिस्थितियों या जरूरी सरकारी कार्य के कारण अचानक यात्रा करनी पड़ती है। इस फैसले के बाद अब गंभीर बीमारी, परिवार में अचानक आई किसी इमरजेंसी या वीआईपी ड्यूटी जैसे मामलों में यात्रियों को इन ट्रेनों में प्राथमिकता के आधार पर कन्फर्म सीट मिल सकेगी।

अंतिम समय में कर सकेंगे यात्रा
गौरतलब हो कि, रेलवे का यह फैसला न केवल यात्रियों की शिकायतों का समाधान है, बल्कि वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों को आम जनता के लिए अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इमरजेंसी कोटा शुरू होने से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें अंतिम समय में किसी अनिवार्य कारण से यात्रा करनी पड़ती है। यात्रियों को अब अंतिम समय में यात्रा करना पड़े तो उन्हें चिंता करने की आवश्कता नहीं होगी।
क्या है नया नियम?
अब तक इन नई और आधुनिक ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी, जिससे तत्काल जरूरत पड़ने पर यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में भारी परेशानी होती थी। नए आदेश के बाद, अब इन ट्रेनों में भी अन्य प्रीमियम ट्रेनों (जैसे राजधानी या शताब्दी) की तरह कुछ सीटें आपातकालीन उद्देश्यों के लिए सुरक्षित रखी जाएंगी।

किसे मिलेगा इसका लाभ?
इमरजेंसी कोटा हर किसी के लिए नहीं होता। इसका फायदा मुख्य रूप से इन स्थितियों में मिलता है-
मेडिकल इमरजेंसी: मरीज और उनके सहायक के लिए।
परिवार में अनहोनी: परिवार में किसी की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना होने पर।
सरकारी ड्यूटी: हाई-प्रोफाइल सरकारी कामकाज या वीआईपी मूवमेंट के लिए।
अति विशिष्ट व्यक्ति (VIP): सांसद, विधायक या अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की यात्रा के लिए।
कैसे उठाएं इस कोटे का फायदा?
अगर आपको इमरजेंसी में टिकट चाहिए, तो प्रक्रिया इस प्रकार है-
आवेदन पत्र: सबसे पहले आपको एक लिखित आवेदन (Letter/Application) देना होगा।
दस्तावेज़: मेडिकल इमरजेंसी है तो डॉक्टर का पर्चा या अन्य जरूरी कागजात साथ लगाएं।
जमा कहाँ करें: यह आवेदन संबंधित रेलवे डिवीजन के डीआरएम (DRM) ऑफिस या चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जमा करना होता है।
समय सीमा: चार्ट बनने से कम से कम 3-4 घंटे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होती है। कोटा स्वीकृत होने पर आपकी वेटिंग टिकट कंफर्म हो जाती है।



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