BIHARMUZAFFARPURSTATE

उत्तर भारतीय महिलाओं पर वि’वादित बयान देकर फंस गए दयानिधि मारन, बिहार के कोर्ट में पेशी का आदेश

मुजफ्फरपुर: तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके के सांसद दयानिधि मारन की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. उत्तर भारतीय महिलाओं को लेकर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी पर मुजफ्फरपुर न्यायालय ने समन भेजा है. कोर्ट ने उनको 23 फरवरी को सशरीर पेश होने का आदेश दिया है.

दयानिधि मारन को मुजफ्फरपुर कोर्ट का समन

मुजफ्फरपुर के एडिशनल चीफ मजिस्ट्रेट-1 (पश्चिमी) के न्यायालय में दायर परिवाद मामले में अदालत ने दयानिधि मारन को 23 फरवरी को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया है. शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया है. अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने डीएमके सांसद के खिलाफ परिवाद दायर किया था.

सशरीर पेश होने का आदेश

शिकायतकर्ता सुधीर कुमार ओझा ने कहा कि डीएमके के नेता लगातार सनातन धर्म और उत्तर भारतीयों के खिलाफ विवादित बयान देते रहे हैं. इसी क्रम में पिछले दिनों डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने उत्तर भारत की महिलाओं को लेकर ऐसा बयान दिया, जोकि उत्तर भारत और हमारी महिलाओं का अपमान है. इसी को लेकर उन्होंने कोर्ट में परिवाद दायर किया था. जिस पर अदालत ने दयानिधि मारन को हाजिर होने का आदेश दिया है.

किस-किस धारा के तहत मुकदमा?

परिवाद में दयानिधि मारन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75, 79, 192, 298, 352 और 251(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी. शिकायतकर्ता सुधीर कुमार ओझा का आरोप है कि तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से डीएमके सांसद ने ऐसा बयान दिया गया है.

क्या है मामला?
असल में दयानिधि मारन ने इसी साल जनवरी में चेन्नई के क्वाड-ए-मिल्लत गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को संबोधित करते हुए बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. डीएमके सांसद ने कहा था, ‘हमारी सरकार ने जो लैपटॉप बांटे थे, उनका इस्तेमाल बेनिफिशियरी पढ़ाई करने और इंटरव्यू देने के लिए करते हैं. इसी बात पर हमें गर्व है. यही वजह है कि हम तमिलनाडु में आपसे पढ़ाई करने के लिए कहते हैं लेकिन उत्तर भारत के राज्यों में महिलाओं को नौकरी न करने और घर के अंदर रहने, किचन में काम करने और बच्चे पैदा करने के लिए कहा जाता है.’
पहले भी की थी भद्दी टिप्पणी
इससे पहले भी दयानिधि मारन ने उत्तर भारतीयों को लेकर भद्दी टिप्पणी की थी. साल 2023 में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले हिंदी भाषी तमिलनाडु में निर्माण कार्य करते हैं या सड़कों और शौचालयों की सफाई करते हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.