हाजीपुर : बिहार के हाजीपुर जिले में सदर अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में बुधवार को गोरौल इस्लामपुर गांव निवासी धीरज कुमार की पत्नी गुंजन कुमारी की डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने के मामले में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी टीम का गठन किया है। टीम में एडीएम संजय सिंह, जिला आपदा अधिकारी रामपुकार राम एवं अपर जिला परिवहन पदाधिकारी रुचि कुमारी को शामिल किया गया। टीम गुरुवार की शाम करीब 04:45 बजे सदर अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में पहुंची। टीम ने डिलीवरी के दौरान ड्यूटी में उपस्थित अस्पताल कर्मियों से इस बारे में पूछताछ किया।

वहीं महिला के परिजनों से भी इसके बारे में जानकारी ली। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अस्पताल कर्मियों ने बच्चा बदला गया है या भूलवंश अस्पताल कर्मियों के द्वारा पुत्री के जगह पुत्र बोला गया। वहीं इस मामले में सिविल सर्जन श्यामनंद प्रसाद एवं सदर उपाधीक्षक डॉक्टर गुड़िया कुमारी के द्वारा गुरुवार की सुबह को अपने स्तर पर जांच किया गया था। बताया गया कि सिविल सर्जन के द्वारा ऑपरेशन के दौरान मौजूद डॉक्टर, नर्स, ओटी असिस्टेंट एवं गार्ड से जानकारी लिया गया। सिविल सर्जन ने बताया है कि बच्चा एवं उसके परिजनों का डीएनए टेस्ट किया जाएगा।]

फिलहाल इस मामले में कोई अधिकारी कुछ भी खुलकर नहीं बता पा रहे हैं। मालूम हो कि बुधवार को लेबर वार्ड में महिला की डिलीवरी के बाद पुत्र बोलकर पुत्री दिया गया था। ऐसा आरोप लगाकर परिजनों ने सदर अस्पताल हंगामा किया था। सूचना पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस आक्रोशित परिजनों को समझा बुझाकर शांत करवाया था।

महिला के पति भी निजी अस्पताल में भर्ती
सदर अस्पताल में बुधवार को जन्म देने वाली महिला के पति धीरज कुमार भी जंदाहा के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। बताया गया कि धीरज कुमार का कुछ दिन पहले सड़क दुर्घटना में पैर टूट गया था। जिसके लेकर पैर का ऑपरेशन करने के बाद स्टील लगाया गया है। एक तरफ पत्नी का डिलीवरी के बाद सदर अस्पताल में भर्ती तो दूसरी तरफ पति का सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट के बाद निजी अस्पताल में भर्ती है। इस संबंध में सदर अस्पताल में परिजन ने बताया कि बच्चा बदलने की बात अभी तक बच्चें के पिता को नहीं दी गई है। क्योंकि पैर का खुद ऑपरेशन कराकर अस्पताल में भर्ती हैं।





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